जिस राजा ने अरबी खलीफा को बंदी बनाकर रखा, उनका तख्ता उनके मंत्री ने ही पलटने की कोशिश की
भारत में जब क्षत्रिय विदेशी आक्रांताओं से लड़ रहे थे, उस समय गद्दारों की भी कमी नहीं थी। राघव चेतन से लेकर बिरबल एवं...
महाराजा रणजीत सिंह: सिख साम्राज्य को सिंधु के पार तक पहुँचाया, अफगानों-बलूचों को खदेड़ा
महाराजा रणजीत सिंह भारतीय इतिहास के सबसे प्रभावशाली और साहसी शासकों में से एक थे। उनका जीवन एक प्रेरणा की तरह है।
अपराजेय महायोद्धा बप्पा रावल, जिन्हें ‘हिंदू सूर्य’ कहा गया: हर युद्ध में अरबी मुस्लिमों को हराया
बप्पा रावल का असली नाम कालभोज था। उन्होंने मुस्लिम आक्रमणकारियों को कई बार मात दी थी और उन्हें ईरान तक खदेड़ा था। बप्पा रावल...
उत्तर-दक्षिण भारत को एकसूत्र में पिरो सकता है गोरखनाथ पीठ, सीएम योगी के पास है फॉर्मूला
गोरक्षपीठ हमेशा से सर्वधर्म समभाव एकजुटता का सन्देश देता रहा है। गोरक्षपीठ में योगियों एवं सूफी संतों की विचारधारा का भारत में एक साथ...
मंदिरों की पवित्रता पर देवदासी का काला दाग, इनके अवैध बच्चे का अस्तित्व नहीं
कर्नाटक और आंध्र प्रदेश सहित दक्षिण भारत के कई राज्यों और राजस्थान एवं मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में देवदासी जैसी घिनौनी प्रथा आज...
अदूरदर्शी पीएम पंडित नेहरू: चीन के खिलाफ भारत से समझौता करना चाहता था पाकिस्तान
पंडित नेहरू के नाम पर कई असफलताएं दर्ज हैं। चीन ने जब तिब्बत पर आक्रमण किया तो पाकिस्तान ने नेहरू से चीन के खिलाफ...
मिस्र में मिला फराओ का दूसरा सूर्य मंदिर, खुदाई में पवित्र जार भी बरामद
कहा जाता है कि मिस्र के फराओ के 6 सूर्य मंदिर थे। पुरातत्वविदों ने इनमें से एक और सूर्य मंदिर को खोज निकाला है।...
महाराजा कुलचंद्र सिंह को मिला था कालापानी, सम्मान में माउंट हैरियट होगा माउंट मणिपुर
महाराजा कुलचंद्र ध्वज सिंह को ब्रिटिश महारानी के विरुद्ध युद्ध छेड़ने के आरोप में एक विशेष आयोग ने उनकी संपत्तियों को जब्त कर लिया।
प्रतिहार राजवंश, जिसने भारत को अरब आक्रमणकारियों से लंबे समय तक बचाए रखा
भारत के इतिहास में कई वंश बहुत महत्वपूर्ण रहे हैं, उनके साम्राज्य बड़े विस्तृत थे और उन्होंने साहित्य का भी बहुत प्रसार किया। भारत...
मौर्य से मुगल तक का इतिहास पुराणों में! इतिहासकार इन्हें ‘ऑथेंटिक’ क्यों नहीं मानते?
भविष्य पुराण तो ऐसा पुराण हैं, जिसमें मुस्लिमम आक्रांताओं और विक्टोरिया आदि का गुणगान किया गया है। इनका काल बौद्ध काल से लेकर मुगलकाल...