पिछले कुछ आरसे से जयंत चौधरी लगातार ऐसे कदम उठा रहे हैं जिससे साफ़ सन्देश मिल रहा है कि जयंत चौधरी बड़ी महत्वकांक्षाएं रखते हैं और अब वो आरएलडी को केवल पश्चिम उत्तर प्रदेश की जाट पार्टी तक सिमित नहीं रखना चाहते। इसके लिए वो लगातार ऐसे कदम उठा रहे हैं जिससे पार्टी का विस्तार उत्तर प्रदेश के बाहर उन क्षेत्रों में तो हो ही जहाँ जाट मतदाता प्रभावी हैं बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में भी पार्टी मजबूती से उभरे।

पहले जयंत चौधरी ने ना केवल वरिष्ठ राजनेता केसी त्यागी को संसदीय दल की कमान सौपी बल्कि राजस्थान के विधायक सुभाष गर्ग, हरियाणा के मेजर जनरल विशंभर दयाल एवं दिल्ली के किसान नेता युद्धवीर को शामिल कर पड़ोसी राज्यों तक विस्तार का संदेश दिया है। अब देश के प्रतिष्ठित बस्ती राजघराने के ऐश्वर्य राज सिंह को जयंत चौधरी ने राष्ट्रिय लोकदल का नया प्रदेशाध्यक्ष बनाकर ये सन्देश दे दिया है कि उनकी पार्टी अब पूर्वांचल में भी विस्तार करना चाहती है।

हालाँकि ये नियुक्ति थोड़ी अप्रत्याशित रही क्यूंकि पार्टी की यूपी इकाई के मौजूदा अध्यक्ष रामाशीष राय ने अचानक से इस्तीफ़ा दिया और पार्टी छोड़ने की घोषणा की और उसके कुछ ही घंटों बाद कुंवर ऐश्वर्य राज सिंह की आरएलडी के यूपी प्रदेशाध्यक्ष के तौर पर नियुक्ति कर दी गयी।

कौन हैं कुंवर ऐश्वर्य राज सिंह ?

बस्ती राजघराने के कुंवर ऐश्वर्य राज सिंह लंबे समय से राष्ट्रीय लोक दल की राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं तथा आरएलडी के आईटी सेल हेड के भी रहे हैं । पेशे से कंप्यूटर इंजीनियर ऐश्वर्य राज सिंह ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में 11 वर्षों तक काम किया है।

इस दौरान उन्होंने कुछ वर्षों तक अमेरिका के मिनियापोलिस में भी काम किया। भारत लौटने के बाद वह उत्तर प्रदेश से अपने जुड़ाव को मजबूत करते हुए धीरे-धीरे सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन में सक्रिय हुए। उन्हें जयंत चौधरी का करीबी भी माना जाता है।

उनके पिता राजा लक्ष्मेश्वर सिंह वर्ष 1991 में जनता दल के टिकट पर बस्ती सदर से विधायक रहे हैं। उनकी माता श्रीमती असीमा सिंह 1979 बैच की भारतीय रेलवे यातायात सेवा (IRTS) की अधिकारी रही हैं। उन्होंने पूर्वोत्तर रेलवे में मंडल रेल प्रबंधक (DRM) के रूप में कार्य किया।

इसके बाद उनकी भारतीय रेल परिवहन प्रबंधन संस्थान (IRITM) के निदेशक पद से सेवानिवृत्त हुईं। उनके परिवार का कृषि और पर्यावरण संरक्षण से भी पुराना जुड़ाव रहा है। उनके पिता, राजा लक्ष्मेश्वर सिंह, वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण के कार्यों से जुड़े रहे तथा 10,000 से अधिक पेड़ लगाने के लिए जाने जाते हैं।

क्या मायने हैं इस नियुक्ति के?

कुंवर ऐश्वर्य राज सिंह को आरएलडी का यूपी प्रदेशाध्यक्ष बनाकर जयंत चौधरी ने एक साथ कई सन्देश दिए हैं। एक सन्देश तो ये है कि पार्टी अब केवल पश्चिम उत्तर प्रदेश की जाट बेल्ट की पार्टी बनकर नहीं रहना चाहती बल्कि पूर्वांचल में भी अपना विस्तार करना चाहती है।

दूसरा पार्टी उच्च शिक्षित युवाओ को अपने साथ जोड़ना एवं उनपर फोकस करना चाहती है। एक सन्देश और है हाल ही में आरएलडी जाट, गुज्जर, त्यागी, अहीर, ब्राह्मण सब को संगठन में बड़ी जिमीदारियाँ दी लेकिन क्षत्रिय समाज को उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिला था।

कुंवर ऐश्वर्य राज सिंह को प्रदेशाध्यक्ष बनाकर जयंत चौधरी ने उत्तर प्रदेश के क्षत्रिय समाज को भी साधने का प्रयास किया है। पश्चिम उत्तर प्रदेश में मथुरा राजघराने के कुंवर नरेंद्र सिंह आरएलडी के बड़े नेता रहे हैं लेकिन अभी उनके पास कोई बड़ी जिम्मेदारी संगठन में नहीं है।