उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) का एक वीडियो सामने आया है, जिसे देखकर आप भी अपने आँसू रोक नहीं पाएँगे। दरअसल, सीएम योगी अपनी बहन के संघर्ष को देखकर भावुक हो गए। उनकी आँखें डबडबा आईं और गला रुँध गया। उन्होंने कहा कि वे चाहकर भी उनकी मदद नहीं कर सकते, क्योंकि वे एक योगी हैं और मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने राजधर्म का शपथ लिया है, परिवार का नहीं। 

इंडिया टीवी के शो में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से रजत शर्मा ने कहा कि कॉन्ग्रेस के महासचिव राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) अपनी बहन प्रियंका गाँधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) को चुनाव में ला सकते हैं तो वो ऐसा क्यों नहीं कर सकते। इस दौरान उनकी बहन के कुछ तस्वीरें दिखाईं, जिनमें उनके संघर्ष को साफ देखा जा सकता है।

रजत शर्मा ने सीएम योगी की बहन शशि देवी के बारे में बताते हुए कहा कि आपकी बहन कई किलोमीटर घर से चलकर आती हैं। चाय-नाश्ता की दुकान चलाती हैं। आपको नहीं लगता कि आपको भी थोड़ा परिवार का ध्यान रखना चाहिए। इन तस्वीरों के देखकर भावुक हुए सीएम योगी कुछ देर तक बोलने का प्रयास करते रहे, लेकिन उनकी मुख से शब्द नहीं निकले। होंठ हिलते रहे, आँखों में पानी भरे रहे, लेकिन बोल नहीं फूटे।

योगी आदित्यनाथ ने बहुत प्रयास के बाद अपने आपको को संभाला और रुँधे गले से कहा, “मैं तो एक योगी हूँ। मुझे पूरे प्रदेश का ध्यान रखना होता है। एक मुख्यमंत्री के रूप में मैंने राजधर्म की शपथ ली है, अपने परिवार की नहीं। मेरे लिए पूरे उत्तर प्रदेश के 25 करोड़ लोग ही मेरा परिवार है।”ि

सीएम योगी ने कहा कि एक संन्यासी का काम लोक-कल्याण करना होता है। राजनीति में आने का मकसद लोक-कल्याण है। इस दौरान समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव (Samajwadi Party Chief Akhilesh Yadav) को लेकर उन्होंने कहा, “उनके (अखिलेश परिवार) के लिए उनका परिवार प्रचार कर रहा है, मेरे लिए मेरा परिवार (यूपी की जनता) प्रचार कर रहा है। मैं तो जनता के बीच जाने की एक औपचारिकता निभा रहा हूँ। मेरे लिए गोरखपुर की प्रचार कर रही है।” 

दरअसल, सीएम योगी का परिवार बेहद साधारण जिंदगी जीता है। उनकी बहन का परिवार बेहद गरीबी में जीवन-यापन करता है। उनकी इकलौती बहन शशि देवी अपने ससुराल ऋषिकेश के कोठार गाँव में पति पूरन सिंह पयाल के साथ चाय और मंदिर के प्रसाद का दुकान चलाती हैं। उनकी एक दुकान नीलकंठ मंदिर के पास है और दूसरी भुवनेश्वरी मंदिर के पास है। इन दुकानों में चाय, पकौड़ी और प्रसाद मिलता है। शशि के तीन बच्चे हैं- एक बेटा और दो बेटियाँ। सीएम योगी स्वयं 7 भाई-बहन हैं। वह अपने माता-पिता की 5वीं संतान हैं। उनका एक भाई भारतीय सेना में सूबेदार है।

सीएम योगी के माता-पिता ने उनका नाम अजय सिंह बिष्ट रखा था। 22 साल की उम्र में वह घर-परिवार छोड़ कर गोरखपुर चले गए। गोरखनाथ मठ के तत्कालीन महंत अवैद्यनाथ महाराज के सान्निध्य में उन्होंने दीक्षा लेकर संन्यासी बन गए। उसके बाद उनका नाम योगी आदित्यनाथ हो गया। अवैद्यनाथ महाराज के देवलीन होने के बाद योगी आदित्यनाथ मठ के महंत बने। गोरखपुर से वह कई बार सांसद चुने गए और अब वे प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं। इस बार वह विधानसभा का पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं और गोरखपुर सीट से उन्होंने पर्चा दाखिल किया है।