देश की राजधानी दिल्ली से सटे गाजियाबाद में श्री दूधेश्वरनाथ महादेव मठ मंदिर नाम का एक अति प्राचीन पीठ है। इसको लेकर कई मान्यताएँ हैं। इसे भगवान शिव के जागृत कई मंदिरों में से एक माना जाता है। इस पीठ के 16वें पीठाधीश्वर श्री नारायण गिरि जी महाराज (Mahant NarayanGiri Ji Maharaj) हैं।

नारायण गिरिजी महाराज स्वभाव से सरल, सहज, मृदुभाषी और हमेशा मुस्कुराते रहते हैं। ‘नीति मीमांसा’ ने उनसे आज कई मुद्दों पर बात की। इन मुद्दों पर उन्होंने खुलकर अपनी राय रखी। हमने उनसे पूछा कि योगीजी के लगभग 10 साल के कार्यकाल में उन्होंने उत्तर प्रदेश में धर्म के क्षेत्र में क्या परिवर्तन देखा।

इस पर पीठाधीश्वर श्री महंत नारायण गिरि जी महाराज ने कहा, “केवल धर्म की नहीं ये तो सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश के विकास की बात है। योगीजी एक साधारण साधु का जीवन जीते हैं। उन्हें कोई वीआईपी कल्चर नहीं चाहिए। वो अपने गुरूजी (महंत अवेद्यनाथ) और दादा गुरु (महंत दिग्विजयनाथ) की तरह ही सेवा का जीवन जीते हैं।”

महंत नारायण गिरि जी ने आगे कहा, “योगी जी महाराज के उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने के बाद प्रदेश एकदम भय से मुक्त हो गया है। हॉस्पिटल्स और स्वास्थ सेवाएँ बहुत बेहतर हुई हैं। आज अस्पतालों में सफाई स्वच्छता दिखाई देती है। अन्य विभाग भी बहुत अच्छा कार्य कर रहे हैं। भ्रष्टाचार लगभग समाप्त हैं। पुलिस भी सुनवाई करती है।” 

महंत नारायण गिरि ने कहा कि प्रयागराज में महाकुम्भ का सफल आयोजन हुआ, जिसमें हज़ारों करोड़ रूपए सरकार के पास आए। योगीजी ने कहा ये पैसा धार्मिक पर्यटन से आए हैं और हिन्दुओं के माध्यम से आया है। इसलिए इसे धर्म क्षेत्र पर ही खर्च किया जाना चाहिए।

उन्होंने बताया की सीएम योगी ने पर्यटन विभाग के माध्यम से महाकुंभ में मिले सारे पैसे को हिंदुओं के धार्मिक क्षेत्रों पर खर्च किया। उन्होंने बताया कि सीएम योगी ने इन पैसों से प्रदेश के हर छोटे-बड़े मंदिरो का विकास किया गया। दूधेश्वरनाथ महादेव मठ को भी 7 करोड़ रूपए मिले, जिसमें मंदिर का द्वार और भवन निर्माण हुआ।

अगले साल यानी साल 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों को लेकर भी महंत नारायण गिरि से सवाल किया गया। योगी जी की तीसरी बार वापसी के सवाल पर उन्होंने कहा कि योगी सरकार की पूर्ण बहुमत के साथ वापसी होगी। इसके पीछे लोगों की योगी आदित्यनाथ में आस्था बताया।

महंत नारायण गिरि ने बताया, “मैं पूरे देश का प्रवास करता हूँ। मैंने देखा कि सभी प्रदेश में लोग योगीजी की प्रशंसा करते हैं और कहते हैं कि मुख्यमंत्री हो तो योगीजी जैसा हो। मैं अभी अमेरिका और इंग्लैंड भी गया था कुछ समय के लिए। वहाँ भी लोग योगीजी की प्रशंसा करते हैं।”

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरनंद द्वारा मुख्यमंत्री योगी पर लगाए गए आरोपों को नारायण गिरि ने पूरी तरह नकार दिया। उन्होंने कहा, “अविमुक्तेश्वरानंद जी के ऊपर जिन लोगों ने लाठी चार्ज किया… उनके गुरूजी को जिन लोग ने कारागार में बंद किया, उन लोगों के साथ ही आज वे खड़े हैं।”

अविमुक्तेश्वरानंद के आरोपों पर उन्होंने आगे कहा, “अगर माघ मेले में स्नान ही करना था तो साधारण ढंग से वे कर सकते थे, लेकिन वे सिंहासन लगाएँगे… आडम्बर करेंगे तो पुलिस प्रशासन को तो रोकना ही पड़ेगा, क्यूंकि वहाँ लाखों लोग हैं। इसके पहले कुछ दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएँ हो चुकी हैं।”

नारायण गिरि जी महाराज ने कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद के अलावा और भी शंकराचार्य हैं, लेकिन वो कुछ नहीं बोल रहे हैं। अविमुक्तेश्वरानंद के दिखावे पर चोट करते हुए उन्होंने कहा, “वे अम्बानी के बेटे की शादी में जायेंगे, लेकिन किसी साधारण व्यक्ति शादी में बुलाये तो बोलेंगे कि हम लोग संन्यासी हैं। इनका मानसिक संतुलन सही नहीं लगता।”

उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ आज हिंदुत्व का मान बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “योगीजी हिन्दुओं के ही नहीं, समस्त मानव जाति, जीव जंतुओं के लिए भी उनके मन में दया का भाव है। उत्तर प्रदेश की आबादी 22 करोड़ और योगी आदित्यनाथ प्रदेश की पूरी जनता के उत्थान के लिए काम कर रहे हैं।”

योगी जी के मुस्लिम विरोधी होने के सवाल पर नारायण गिरि जी ने कहा कि गोरखनाथ मंदिर में फूल-प्रसाद की 500 दुकानें हैं, उनमें 150 दुकानें मुसलमानों की हैं। उन्होंने कहा कि  शंकराचार्य तो मुसलमानों के हाथ का पानी भी नहीं पिएँगे, जबकि नाथ संप्रदाय में पीर की एक पदवी भी है। योगी जी मुस्लिम समाज को भी जोड़कर रखते हैं।