हाँ मैंने गिराई है बाबरी मस्जिद: एक ऐसा हिंदू हृदय सम्राट, जिसने कभी चुनाव नहीं लड़ा, मिलने के लिए लाइन में खड़े रहते थे नेता
भारत की राजनीति में खुलकर हिंदुत्ववाद की राजनीति करने के लिए बाला साहेब ठाकरे का नाम हमेशा सम्मान के साथ लिया जाएगा। आजादी के...
ब्रिटेन के किंग के लिए नहीं, इसलिए ‘जन गण मन’ लिखा था टैगोर ने: जानिए इसके पीछे की पूरी कहानी
भारत के राष्ट्रीय गान 'जन गण मन' की यात्रा की कहानी बेहद दिलचस्प है। वर्तमान राष्ट्रीय गान को सबसे पहले 27 दिसंबर 1911 को...
राहुल गाँधी का जाति प्रेम: आखिर देश भर में क्यों कास्ट सर्वे कराना चाहती है कॉन्ग्रेस?
कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी ने एक बार फिर जातीय गणना की बात करके देश में जातिवाद को नए सिरे से परिभाषित करने...
क्या है अल-हुबैदिया की रणनीति, जिसे अपना रहा फिलिस्तीन का हमास, यासिर आराफात ने भी किया था इस्तेमाल
अक्टूबर 2023 में फिलिस्तीन की इस्लामिक आतंकवादी समूह हमास द्वारा इजरायल में भीषण हमला किया गया था। इस हमले में हमास ने 200 अधिक...
राजदीप राजदेसाई का कॉन्ग्रेस प्रेम: BJP की बिल्डिंग पर सवाल, लेकिन कॉन्ग्रेस के भवन पर चुप्पी
देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कॉन्ग्रेस के मुख्यालय का पता बदल चुका है। 24 अकबर रोड की जगह अब नया पता 9A कोटला...
अरविंद केजरीवाल के पापों को धो पाएगी यमुना नदी: हर बार का चुनावी वादा, इस बार भी वादा ही रहा
दिल्ली में आम आदमी पार्टी के संयोजक एक पॉडकास्ट में मान गए हैं कि यमुना की सफाई से वोट नहीं मिलेंगे। शायद यही कारण...
भारत का पहला कमांडर-इन-चीफ, जिसे पठान कहते थे खलीफा: नेहरू को डर था तख्ता पलट का
भारतीय सेना दिवस परेड 15 जनवरी 1949 को भारतीय सेना के पहले कमांडर-इन-चीफ फील्ड मार्शल कोडंडेरा मडप्पा करियप्पा (केएम करियप्पा) की नियुक्ति की याद...
एक ऐसी लड़ाई जिसमें सिर्फ एक अंग्रेज बचा, कहानी सुनाने के लिए अफगानों ने छोड़ा: ‘साम्राज्यों के कब्रगाह’ की कहानी
बात तब की है, जब भारत पर अंग्रेजों की हुकुमत थी। अंग्रेज एक-एक करके भारत और उसके आसपास के क्षेत्रों को जीतते जा रहे...
हिंदू बुद्धि के इतने मंद और शिथिल हो जाने से परेशान थे डॉक्टर अंबेडकर: इस्लामी कट्टरपंथ का करते रहे विरोध
बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर मुस्लिम कट्टरवाद के खिलाफ बेहद मुखर थे। वे मानते थे कि हिंदू और मुस्लिम ना ही स्वभाव में एक हैं, ना...
भावनाओं की डोर ही नहीं, अर्थव्यवस्था की पहिया भी खींचता है प्रवासी भारतीय दिवस: नए युग का सूत्रपात
हर दो साल पर मनाए जाने वाले प्रवासी भारतीय सम्मेलन इस बार 8 जनवरी से 10 जनवरी तक ओडिशा के भुवनेश्वर में आयोजन किया...