नई दिल्ली, आईआईटी के पूर्व छात्र और 2002 बैच के आईएएस टॉपर अंकुर गर्ग ने प्रतिष्ठित हार्वर्ड विश्वविद्यालय में कुल अंक से अधिक लाने का करिश्मा किया है। अंकुर ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा है, “जब मैं स्‍कूल में था तो मेरे पिता अक्‍सर कहा करते थे 10 में 10, लेकिन इसके लिए काफी प्रयत्‍न करने की आवश्यकता है। इसके लिए हमेशा 10 में 11 अंक हासिल करने का प्रयास करें।’ फेसबुक पोस्ट में उन्होंने मैक्रो इकोनॉमिक्स में अपने स्कोर कार्ड की एक तस्वीर भी साझा किया है, जिसमें प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय मैक्रो इकोनॉमिस्ट जेफरी फ्रेंकल का हस्ताक्षर है। इसके अलावा, पोस्ट में अंकुर के पिता द्वारा उत्कृष्टता दर्शाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक रूपक भी है।

अंकुर ने अपनी सफलता अपने पिता को समर्पित करते हुए पोस्ट में लिखा, “जिन्होंने उन्हें हमेशा सर्वश्रेष्ठ करने के लिए प्रेरित किया।” उन्‍होंने लिखा है कि छात्र जीवन के अंतिम चरण में मैक्रो इकोनॉमिक्स पाठ्यक्रम की अंतिम परीक्षा में यह स्कोर (170 में से 171) हासिल किया है। हार्वर्ड में यह केक पर सफेद तह में लिखकर आता है, जिसमें जेफरी फ्रेंकल ने खुद हस्ताक्षर किए हैं।

हार्वर्ड विश्वविद्यालय के कैनेडी स्कूल ऑफ गवर्नमेंट में कैपिटल फॉर्मेशन एंड ग्रोथ में प्रोफेसर जेफरी फ्रैंकल एक प्रख्यात मैक्रो इकोनॉमिस्ट हैं। अंकुर गर्ग द्वारा फेसबुक पर साझा की गई तस्‍वीर में पेज के बाएं कोने में ‘101%’ लिखा हुआ है। जेफरी ने लिखा है, “आउटस्टैंडिंग एग्जाम और आउटस्टैंडिंग परफॉर्मेंस ओवरऑल। 101% मार्क्स।” अंकुर ने परीक्षा के चार पेपर्स में से दो में 2-2 अंक अधिक प्राप्त किए हैं। एक में दो अंक कम और एक में एक अंक कम मिले हैं। यह परीक्षा इंटरनेशनल डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत हुई थी।

इस समय हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे अंकुर महिंद्रा कॉलेज पटियाला से बारहवीं करने के बाद आइआइटी दिल्‍ली से बीटेक किया है। 22 साल की उम्र में आइएएस परीक्षा टॉप कर वह सबसे कम उम्र में आइएएस परीक्षा में सफल होने वाले लोगों में शामिल हो गए।

पटियाला के मूल निवासी अंकुर परिवार संग दिल्ली में शिफ्ट हो गए हैं और उनके पिता डॉ. के.सी. गर्ग प्लास्टिक सर्जन हैं।