कालीचरण के महिलाओं से संबंध, पैसों की वसूली: महिला ने पुलिस को लिखकर बताया ढोंगी संत
छत्तीसगढ़ के रायपुर जेल में बंद कालीचरण पर एक महिला भक्त ने चिट्ठी लिखकर उससे संबंध होने और परेशानी दूर करने के नाम पर वसूली करने का आरोप लगाया है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और रायपुर के SSP को लिखी गई चिट्ठी की कॉपी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को भेजकर महिला ने कार्रवाई की मांग की गई है।
| कालीचरण |
चिट्ठी में महिला ने लिखा है कि कालीचरण संत नहीं, बल्कि गेरुआ वस्त्र पहने हुए एक ढोंगी और भोगी व्यक्ति है। वह दुखी लोगों की परेशानी दूर करने नाम पर धन की वसूली करता है। महिला ने बताया कि उसके पारिवारिक जीवन में परेशानी के कारण उसने कालीचरण से संपर्क किया था और इसके बदले में उससे 25 हजार रुपए लिए गए थे।
अपनी चिट्ठी में महिला ने आगे लिखा है कि दिल्ली में रहने वाली एक महिला से कालीचरण के संबंध हैं। महिला बताया कि जब उसने जानकारी जुटाई तो कालीचरण के बारे में कई आपत्तिजनक बातें पता चलीं।
कालीचरण ने अपने वॉट्सऐप चैट दिखाए जिसमें महिला भक्त के साथ आपत्तिजनक बातें की गई थीं। कालीचरण के वॉशरूम जाने पर महिला ने कालीचरण का फोन चेक किया तो उसके चैट में आई लव यू लिखा हुआ था।
महिला ने यह भी कहा कि कालीचरण उससे बताता था कि बड़ी-बड़ी पदों पर बैठी महिलाएँ उसकी नजदीकी के लिए उसके पीए ईश्वरानंद से जुड़कर रहती थीं।
इस मामले में रायपुर के SSP प्रशांत अग्रवाल ने पत्र को टिकरापारा थाने की टीम को इन्वेस्टिगेशन के लिए भेजा है। रायपुर की पुलिस ने इस मामले में अब अकोला के SP से भी संपर्क किया है और वहां से भी कालीचरण के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
MP के छतरपुर से कालीचरण को गुरुवार(27 जनवरी 2022) को पकड़ा गया था। बता दें कि कालीचरण ने 26 दिसंबर को रायपुर की धर्म संसद में कहा था 1947 में मोहनदास करमचंद गांधी ने उस वक्त देश का सत्यानाश किया। नमस्कार है नाथूराम गोडसे को, जिन्होंने उन्हें मार दिया। अब धारा राजद्रोह के मामले में केस दर्ज है।