विशाखापत्तनम में जहरीली गैस से बेहोश होकर सड़कों पर गिरे लोग, 11 की मौत व 1000 भर्ती
अमरावती. आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम (Visakhapatnam, in Andhra Pradesh) में एलजी पॉलिमर इंडस्ट्री में गैस लीक होने के बाद बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं. अभी तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है और लगभग 1000 लोग अस्पताल में भर्ती हैं. वहीं 5000 से ज्यादा लोगों के बीमार होने की खबर है. इस पूरे घटना क्रम पर विशाखापट्टनम के पश्चिमी जोन के एसीपी ने कहा कि गैस 5,000 टन के दो टैंकों से गैस लीक हुई है. यह फैक्ट्री मार्च से COVID19 लॉकडाउन के कारण बंद थी. इसके चलते केमिकल रिएक्शन हुआ और टैंकों के अंदर गर्मी बनी जिसकी वजह से रिसाव हुआ. बता दें जब गैस रिसाव हुआ तब लोग गहरी नींद में थे.
वहीं एनडीआरएफ के महानिदेशक सत्यनारायण प्रधान ने बताया कि एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) द्वारा किए जा रहे राहत और बचाव अभियान में 27 व्यक्ति शामिल हैं, जो औद्योगिक रिसाव से निपटने में विशेषज्ञ हैं. 80 से 90 प्रतिशत लोग बचा लिये गये हैं.
अधिकारियों ने बताया कि यह संयंत्र गोपालपट्टनम इलाके में स्थित है. इस इलाके के लोगों ने आंखों में जलन, सांस लेने में तकलीफ, जी मचलना और शरीर पर लाल चकत्ते पड़ने की शिकायत की. इससे पहले जिला कलेक्टर वी विनय चंद ने बताया था कि गैस रिसाव की वजह से 8 लोगों की जान गई है जबकि कुछ की हालत गंभीर है. उन्होंने बताया कि तकरीबन 70 लोगों को इलाज के लिए किंग जॉर्ज अस्पताल में भर्ती कराया गया है. टीवी चैनलों पर प्रसारित फुटेज में लोग सड़कों पर बेहोश होकर गिरते दिख रहे हैं.
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में हालात का बृहस्पतिवार को जायजा लिया और लोगों की सुरक्षा तथा कुशल क्षेम की प्रार्थना की. विशाखापट्टनम में एक रासायनिक संयंत्र से गैस का रिसाव होने से आठ लोगों की मौत हो गई है. प्रधानमंत्री ने टि्वटर पर लिखा कि उन्होंने हालात के संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से बात की. उन्होंने बताया कि स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है. उन्होंने कहा, ‘मैं विशाखापट्टनम में सभी की सुरक्षा और कुशल क्षेम की प्रार्थना करता हूं.’