बिहार के दो बाहुबलियों पर नकेल कसते हुए पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। जहाँ गैंगस्टर राजन तिवारी को बिहार पुलिस की मदद से यूपी पुलिस ने गिरफ्तार किया, वहीं गैंगस्टर सुनील पांडेय को यूपी पुलिस की मदद से बिहार पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
 
दो बाहुबली पूर्व विधायक गिरफ्तार, सुनील पांडेय (बाएँ) और राजन तिवारी (दाएँ)

 

यूपी पुलिस ने राजन तिवारी को मोतिहारी के हरैया ओपी क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि तिवारी नेपाल भागने की कोशिश कर रहे थे, इसी दौरान उन्हें नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं, सुनील पांडेय को यूपी के मिर्जापुर से भोजपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। 

 

राजन तिवारी के खिलाफ यूपी में कई मामले दर्ज
बिहार के मोतिहारी जिले के गोविंदगंज विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक और बाहुबली राजन तिवारी के खिलाफ यूपी में कई मामले दर्ज हैं। तिवारी पर 25,000 का इनाम भी घोषित है।
यूपी के कुख्यात अपराधी प्रकाश शुक्ला और राजन तिवारी सहित चार अपराधियों पर गोरखपुर के कैंट थाना में 15 मई 1998 को गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। दिसम्बर 2005 में यूपी कोर्ट ने तिवारी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। तब से वह फरार हैं।
उत्तर प्रदेश में तिवारी की सक्रियता को देखकर यूपी डीजीपी मुख्यालय ने प्रदेश के 61 माफिया की सूची में उनका नाम डाला था। तिवारी पर दर्ज मुकदमे की जांच शुरू हुई तो पता चला कि गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद भी वह 17 साल से फरार हैं।
बता दें कि तिवारी की तलाश यूपी के साथ-साथ बिहार पुलिस को भी थी। गोरखपुर में जन्मे तिवारी ने कॉलेज के जमाने से ही अपराध की दुनिया में कदम रख दिया था। वह गैंगस्टर श्रीप्रकाश शुक्ला का गैंग ज्वॉइन कर लिया था। तिवारी का पहली बार नाम यूपी के विधायक वीरेंद्र प्रताप शाही पर हमले में नाम आया था।
बिहार का बाहुबली नेता सुनील पांडेय
उधर यूपी के मिर्जापुर के विंध्याचल स्थित अष्टभुजा पहाड़ी पर एक वृद्ध की गोली मारकर हत्या करने के मामले में बिहार की भोजपुर पुलिस ने बाहुबली नेता सुनील पांडेय को गिरफ्तार किया है। पांडेय भोजपुर जिले के तरारी विधानसभा से चार बार विधायक रह चुके हैं।

 

राजनीति में आने से पहले अपराध की दुनिया का कुख्यात नाम था सुनील पांडेय। पांडेय ने आधी जिंदगी जेल में और आधी फरार रहते हुए काटी है। इतना ही नहीं, उत्तर प्रदेश के कुख्यात गैंगस्टर मुख्तार अंसारी को मारने के लिए पांडेय ने 50 लाख की सुपारी भी दी थी। 

 

दरअसल, 14 अगस्त 2022 को विध्यांचल थाना क्षेत्र के अष्टभुजा पहाड़ी पर मछिंदरा कुंड के पास पांडेय के साथ कुछ लोग आए थे। मछिंदरा पहाड़ी पर शराब के नशे में विवाद हो गया। एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर फायर कर दिया, जिसमें गोली 75 वर्षीय कन्हैया प्रसाद के पेट में लगी थी। बाद में वृद्ध की मौत हो गई।