उत्तर प्रदेश में लोगों के रोजगार में दूध की भूमिका महत्वपूर्ण हो रही है। दूध उत्पादन के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर पहुँच गया है। यही नहीं, बड़ी-बड़ी कंपनियाँ अपना डेयरी प्लांट लगाने के लिए यूपी की ओर रुख कर रही हैं। इनमें डेयरी क्षेत्र की प्रसिद्ध कंपनी अमूल भी शामिल है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री महंथ योगी आदित्यनाथ की अगुआई वाली भाजपा सरकार बीते चार वर्षों में इसके लिए बेहतरीन प्रयास किए हैं। इन प्रयासों से प्रदेश न सिर्फ दूध के उत्पादन में अग्रणी बना है, बल्कि गोवंश संरक्षण में भी आगे बढ़ते हुए अग्रणी प्रदेश बना है। इससे देसी गोवंश के पालन में जागरूकता आ रही है और लोग इसे पालने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

On Gopashtami, CM Yogi 'gifts' cows to 11 families to eradicate malnutrition
योगी आदित्यनाथ (तस्वीर साभार: न्यूजरुम पोस्ट)

प्रदेश में अमूल सहित छह निवेशकों ने अपने डेयरी प्लांट स्थापित करने के लिए 172 करोड़ रुपये निवेश किए हैं। दूसरी तरफ, सात डेयरी प्लांट लगाने की प्रक्रिया जारी है, जबकि 15 निवेशकों ने अपनी यूनिट लगाने के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा है।

दूध उत्पादन के क्षेत्र में बड़े निवेशकों द्वारा लगाए जा रहे उद्यमों के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को रोजागर मिला हैं। अब गांव-गांव में गाय तथा भैस पालकर दूध का कारोबार करने वाले ग्रामीणों की संख्या लगातार बढ़ रही हैं।

भारत के कुल दूध उत्पादन में यूपी की हिस्सेदारी 17 प्रतिशत से ज्यादा है। प्रदेश सरकार के प्रयासों से दुग्ध उत्पादन में यूपी पूरे देश में अव्वल है। वर्ष 2016-17 में यूपी में 277.697 लाख मीट्रिक टन दूध का उत्पादन हुआ था, जो 2020-21 में बढ़कर 318.630 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया है।

दुग्ध विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार, राज्य में दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार ने ग्रीनफील्ड डेयरी की स्थापना करने की शुरुआत की। यह ग्रीन फील्ड डेयरी कानपुर, लखनऊ, वाराणसी, मेरठ, बरेली, कन्नौज, गोरखपुर, फिरोजाबाद, अयोध्या और मुरादाबाद में स्थापित की जा रही हैं। इस योजना को सहयोग देने के लिए झांसी, नोएडा, अलीगढ़ और प्रयागराज की चार पुरानी डेयरी का उन्नयन किया जा रहा है।

सरकार के ऐसे प्रयासों के बीच ही देश के बड़े निवेशकों ने राज्य में अपनी डेयरी यूनिट लगाने की पहल की। गाजीपुर में पूर्वांचल अग्रिको, बिजनौर में श्रेष्ठा फूड, मेरठ में देसी डेयरी, गोंडा में न्यू अमित फूड, बुलंदशहर में क्रीमी फूड और लखनऊ में सीपी मिल्क फूड की डेयरी यूनिट लग गई है और अन्य लोगों की डेयरी यूनिट लग रही हैं।

दूसरी तरफ, राज्य में दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार गोवंश संरक्षण केंद्र एवं गोवंश वन्य बिहार का निर्माण करा रही है। इनमें से 118 केंद्र का निर्माण कार्य पूरा भी हो चुका है। इसके अलावा मुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना के अंतर्गत 66 हजार से अधिक गोवंश, इच्छुक पशु पालकों की सुपुर्दगी में दिए गए हैं।

गोवंश पालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार ने गोकुल पुरस्कार और देशी गोवंश की गाय से सर्वाधिक दूध उत्पादक को नंदबाबा पुरस्कार देने शुरू किया है। ग्रामीणों को दूध कारोबार से जोड़ने के लिए सरकार प्रदेश में पंजीकृत 12 लाख से अधिक दूध किसानों को क्रेडिट कार्ड दे रही है।