धर्मांतरण रैकेट: हिंदू बच्चों का ब्रेन वॉश करने पर महिला टीचर ने किया विरोध, स्कूल से निकाला
धर्मांतरण के आरोपी उमर गौतम ने अपने गृह जिले फतेहपुर को भी अपनी गंदी नीयत से अलग नहीं किया। वह यहां भी यह धर्म परिवर्तन कराने का काम करा रहा है। शहर के एक इंग्लिश मीडियम नूरुल हुदा स्कूल की पूर्व टीचर कल्पना सिंह ने आरोप लगाया है कि स्कूल में आकर मोहम्मद उमर और उसके मौलाना साथियों ने मुस्लिम बनने के लिए कहा था और इसके लिए लगातार दबाव भी बनाया था।
उमर गौतम की सच्चाई उजागर होने के बाद महिला टीचर ने फतेहपुर के एक साल पुराने इस मामले का खुलासा किया है। हालांकि, तब भी उन्होंने थाने में शिकायत की थी, मुकदमा दर्ज भी हुआ था लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। अब जब धर्मांतरण का बड़े स्तर पर मामला सामने आया है और रैकेट अंतर्राष्ट्रीय स्तर जुड़ रहा है, तब महिला सच बताने की हिम्मत जुटा पाई हैं।
| पीड़ित महिला टीचर कल्पना सिंह (फोटो साभार: दैनिक भास्कर) |
स्कूल की महिला टीचर कल्पना सिंह ने बताया कि वह स्कूल में पढ़ाती थीं तो उन्हें वहां की गतिविधियां कुछ ठीक नहीं लगती थीं। मार्च में मोहम्मद उमर गौतम स्कूल आया था। उसने सारे बच्चों पर ‘विशेष प्रार्थना’ पढ़ने का दबाव बनाया गया। टीचर का कहना है कि उसने विरोध किया था।
उमर गौतम और साथ में आने वाले मौलाना उन्हें गरीबी दूर करने का प्रलोभन देकर मुस्लिम बनने का दबाव बनाते थे। इतना ही नहीं, स्कूल में पढ़ने वाले हिन्दू बच्चों को उर्दू व अरबी पढ़ाई जाती थी। हालांकि, इसका इन्होंने विरोध किया तो प्रबंधन ने उन्हें स्कूल से निकाल दिया। एक साल का वेतन भी नहीं दिया गया था। इस पर उन्होंने स्कूल के प्रबंधक व उसके बेटे के खिलाफ 20 मार्च 2021 को सदर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था।
महिला टीचर ने यह भी बताया है कि उसका जिले में लगातार आना जाना था। इसी दौरान वह स्कूल भी आता जाता था। साल 2020 में 20 से 25 मौलानाओं के साथ उमर गौतम स्कूल में आया था और महिला टीचर को मौलानाओं ने धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाया था।
टीचर ने सदर कोतवाली में तहरीर देकर स्कूल के प्रबंधक शरीफ मौलाना व उसके पुत्र उमर शरीफ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। बिना किसी पूछताछ के पुलिस ने इस मामले को बंद कर दिया।