गैंगस्टर मुख्तार अंसारी की पत्नी, बेटा और साला भगोड़ा घोषित: हाजिर नहीं होने पर होगी कुर्की
उत्तर प्रदेश के बाहुबली मुख्तार अंसारी की पत्नी, बेटे और दो सालों को भगोड़ा घोषित करते हुए मऊ के एसपी ने मंगलवार को उन्हें कोर्ट में पेश होने की चेतावनी दी है। एसपी ने कहा कि ऐसा नहीं करने पर उनकी संपत्ति कुर्क कर ली जाएगी। बता दें कि इन सभी आरोपियों के खिलाफ पहले से ही गैर-जमानती वारंट जारी है। अब पुलिस धारा 82 के तहत उन्हें भगोड़ा घोषित कर कार्रवाई की नोटिस चिपका दिया गया है।
![]() |
| मुख्तार अंसारी अपनी पत्नी और बेटे के साथ |
मुख्तार अंसारी के फाटक कहे जाने वाले घर पर पुलिस ने डुगडुगी भी बजवाई है। पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे मुख्तार अंसारी की पत्नी, बेटे और सालों के बारे में जानकारी दें।
पुलिस अधीक्षक इसका वीडियो जारी करते हुए कहा कि उन्हें भगोड़ा बताया। उन्होंने बताया कि मऊ पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए गाजीपुर के मुख्तार के पैतृक आवास के चार ठिकानों पर छापेमारी भी की थी।
पुलिस अधीक्षक के अनुसार, वर्ष 2020 में थाना दक्षिण टोला में धारा (3)1 यूपी गैंगस्टर एक्ट में मुख्तार अंसारी की पत्नी आफ्सा अंसारी, साले अतीफ उर्फ सरजील रजा और अनवर सहजाद के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
तहसीलदार सदर की ओर से भी दक्षिण टोला इलाके के ग्रामसभा रैनी में एससी/एसटी के लोगों की 33 एकड़ जमीन कब्जा करने व सरकारी सम्पत्ति एफसीआई गोदाम का फर्जी दस्तावेज तैयार कर कब्जा करने के सम्बन्ध में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इन लोगों के खिलाफ 129/20 धारा 419, 420, 433, 434, 447, 467, 468, 471 और धारा 3/4 सार्वजनिक सम्पत्ति क्षति अधिनिमय के तहत भी मुख्तार अंसारी की पत्नी आफसा अंसारी, साले आतिफ रजा उर्फ शरजिल रजा, अनवर शहजाद, जाकिर हसैन उर्फ विक्की के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।
पिछले साल 21 अक्टूबर को पर्याप्त साक्ष्य के आधार पर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित कर दिया गया था, लेकिन फिर थाना दक्षिण टोला पर ही धारा (3)1 यूपी गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा इन अपराधियों के खिलाफ दर्ज किया गया था।
मुख्तार अंसारी की पत्नी समेत अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने पर इनके खिलाफ कोर्ट ने वारंट जारी किया है। मुख्तार के बेटे विधायक अब्बास अंसारी के खिलाफ भी थाना महानगर में अवैध शस्त्र लाइसेंस को लेकर मुकदमा दर्ज किया गया है। कोर्ट ने एनबीडब्ल्यू भी जारी किया है।
सभी को कानूनी कार्रवाई के लिए कोर्ट ने कई बार नोटिस जारी किया लेकिन पेश नहीं हुए। कोर्ट के आदेश की अवहेलना को लेकर ही उनके खिलाफ एनबीडब्ल्यू के तहत वारंट जारी किया गया है।