उत्तर प्रदेश सहित देश के कुल 24 राज्यों में धर्मांतरण का खेल खेलने वाले मोहम्मद उमर और जहांगीर कासमी धर्मांतरण का खेल दिल्ली के अपने इस्लामिक दावा सेंटर से जरिए खेलते थे। इस्लाम में मतांतरण को उमर घर वापसी कहता था। उसका कहना है कि हर इंसान इस्लाम धर्म में जन्म लेता है, लेकिन किसी कारण बस वो दूसरे धर्म में चला जाता है। इसी कारण लोगों की घर वापसी कराना यानी इस्लाम धर्म में वापस लाना ही उसका काम है। 

इसके लिए वह दावा में दावत का आयोजन करता था। दावत से उसका मतलब यह है कि मतांतरण के लिए पहले गेट टू गेदर के जरिये मिलना और फिर इस्लाम से होने वाले लाभ को लेकर लोगों का मन जीतना था। उमर गौतम ने बताया कि दावत का यह भी मतलब है कि लोगों का दिल जीत लो। ईश्वर एक ही है, वो भी खुदा ही है। 

मतांतरण के लिए सबसे पहले गीता पढ़ाया जाता है, फिर कुरान पढ़ाते हैं, फिर दोनों का अंतर बताया जाता है। इसके बाद धर्मग्रंथ गीता में कमियों को बताया जाता है। उसके बाद मुस्लिम ग्रंथ हदीश पढ़ाया जाता है। हदीश पढ़ाने के बाद पूरी तरह से ब्रेन वॉश किया जाता है और फिर लोगों को धीरे-धीरे इस्लाम के प्रति आकर्षित कर लिया जाता है।

उमर गौतम ने पूछताछ में ये भी बताया कि असम से सांसद बदरुद्दीन अजमल के कहने पर 2011 से 2012 के बीच दिल्ली में इस्लामिक दवाह सेंटर की स्थापना की गई। 

Big disclosure in conversion racket was going on in 14 states | धर्मांतरण रैकेट में बड़ा खुलासा: 14 राज्यों में चल रहा था धर्म परिवर्तन का धंधा | Hindi News, राष्ट्र
मौलाना उमर (फोटो साभार: ज़ी न्यूज)

उमर गौतम तो अपने काम का प्रचार-प्रसार करने आठ से दस देशों में भी गया था। इस्लामिक देशों से मदद मिलने के मामले में इस्लामिक दवाह सेंटर से 600 से ज्यादा कागजात मिले हैं। दिल्ली में मतांतरण कराने वाले 150 लोगों कागजात मिले हैं। उत्तर प्रदेश में 160 से 180 के करीब सर्टिफिकेट मिले हैं। जिसकी जांच जारी है। इन दोनों के गिरोह का जाल राजस्थान, बिहार, झारखंड, हरियाणा, आंध्र प्रदेश सहित अन्य 15 राज्यों तक फैला है।

धर्मांतरण के लिए उमर की नजर उच्च शिक्षित हिंदू महिलाओं पर होती थी। मोहम्मद उमर कुल मिलाकर 33 हाई-क्वालिफाइड महिलाओं को भी इस्लाम कबूल कराया था। इनमें एक एमबीए की छात्रा से लेकर एयर होस्टेस का ख्वाब बुनने वाली लड़कियाँ तक शामिल हैं। एमबीए करने वाली लड़की ने तो धर्म बदलने के लिए अपना घर-परिवार भी छोड़ दिया था। 

उत्तर प्रदेश एटीएस को ऐसी 33 महिलाओं की लिस्ट मिली है, जिन्होंने अपना धर्म बदल लिया है। सभी महिलाएं हाई क्वालिफाइड हैं। मोहम्मद उमर ने धर्म बदलने वाली उच्च शिक्षित महिलाओं को ‘शाइनिंग स्टार्स’ नाम दिया था। इनमें एक ऐसी लड़की भी शामिल है जो नोएडा के एक बड़ी कंपनी में काम करती है और अपनी सैलरी से 75,000 रुपये मस्जिद में हर माह दान देती है।

गौरतलब है कि यूपी के फतेहपुर जिले के थरियांव थाना क्षेत्र के रमवा गांव का रहने वाला मोहम्मद उमर पहले एक हिंदू था और उसका नाम श्याम सिंह था। उसने 30 साल पहले इस्लाम धर्म अपना लिया था। धर्मांतरण का रैकेट चलाने वाला उमर एक मुसलमान लड़की के इश्क में फँसकर खुद 30 साल पहले मुसलमान बन गया था। उसे AMU में लेक्चरर की नौकरी का भी लालच दिया गया था। उमर उर्फ श्याम प्रताप सिंह 6 भाई है और उमर अपने सभी भाइयों में चौथे नंबर का है। उमर साल दो साल में अपने गांव आया करता था, लेकिन उससे कोई ज्यादा बातचीत नहीं करता था।