लखनऊ से गिरफ्तार किए गए आतंकी संगठन अल कायदा के दो आतंकियों के चार और मददगारों को यूपी एटीएस ने लखनऊ और कानपुर से गिरफ्तार किया है। वहीं, जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सुरक्षाबलों ने  लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर एजाज और उसके दो साथियों को मार गिराया है।

लखनऊ और कानपुर में हुई ये गिरफ्तारी हाल ही में एटीएस द्वारा गिरफ्तार किए गए दो आतंकियों से पूछताछ के बाद हुई है। एटीएस और पुलिस की टीम ने लखनऊ के वजीरगंज इलाके के बुद्धा पार्क के पास से शकील और मुस्तकीम नाम के युवकों को उठाया है। वहीं, कानपुर से लईक और आफाक को गिरफ्तार किया गया है।
 
भारतीय सुरक्षाबल (फाइल फोटो)
बताया जा रहा है कि 2 मंदिर और भीड़-भाड़ वाली बाजार आतंकियों के निशाने पर थे। एटीएस सूत्रों का कहना है कि ये चारों आरोपी आतंकियों को हथियार और गोला-बारूद पहुंचाए थे। वहीं, शकील दिखावे के लिए ई-रिक्शा चलाता था।
 
शकील ने असलहों का सौदा कानपुर में किया था। उसने असलहों की पेमेंट की थी, जिसका एटीएस को सबूत मिला है। आतंकियों से बरामद की गई पिस्टल भी कानपुर के चमनगंज इलाके से ही खरीदी गई थी। इसके साथ ही मसीरूद्दीन और मिनहाज ने प्रीएक्टिवेटेड सिम भी कानपुर की रहमानी मार्केट से खरीदे थे।
 
यूपी के एडीजी (लॉ ऐंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने कहा कि अलकायदा के दोनों संदिग्ध पाकिस्तान हैंडलर के संपर्क में थे। इस मामले में जाँच जारी है और जल्द ही खुलासे होंगे।
सूत्रों की मानें तो कानपुर के साथ पश्चिमी यूपी के संभल सहित चार जिलों में एटीएस की टीमें रविवार से डेरा जमाए हैं। इन टीमें स्थानीय जिला पुलिस की मदद से करीब दर्जन भर लोगों से पूछताछ कर रही है। ये वो लोग हैं, जो पिछले कुछ दिनों में या तो लखनऊ से गिरफ्तार दोनों संदिग्ध आतंकियों या फिर अंसार अजवातुल हिन्द संगठन से किसी न किसी तरह संपर्क में आए हैं।
दरअसल, एटीएस ने बीते रविवार को लखनऊ के काकोरी इलाके में एक मकान से अलकायदा के आतंकवादियों को गिरफ्तार किया था। मसीरूद्दीन और मिनहाज नाम के दोनों संदिग्ध अलकायदा समर्थित संगठन अंसार गजवातुल हिंद के सक्रिय सदस्य हैं। 
  
वहीं, दूसरी ओर जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सुरक्षाबलों ने लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर एजाज और उसके दो अन्य साथियों को मार गिराया है। इनके पास से भारी मात्रा में असलहे और विस्फोटक सामग्री बरामद हुई है।
सुरक्षाबलों को सूचना मिली थी कि साउथ कश्मीर के पुलवामा इलाके में कुछ आतंकी छिपे हैं। सूचना पर पुलिस और सेना के जवानों ने इलाके को घेर लिया और उन्हें सरेंडर करने के लिए कहा लेकिन आंतकियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में सुरक्षाबलों ने भी फायरिंग की।

किसी भी तरह की अफवाह से बचने के लिए ऐतिहातन इलाके की इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई। मारे जाने के कुछ देर बाद आतंकियों की पहचान की गई।आईजीपी कश्मीर ने बताया कि मारा गया एक आतंकी लश्कर का कमांडर एजाज उर्फ अबु हुरैरा था।

इससे पहले मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिले सांबा में एक टैंकरोधी बारूदी सुरंग को सुरक्षा बलों ने निष्क्रिय किया था। इस बारूदी सुरंग को एक स्थानीय निवासी ने देखा था। उसने इसकी जानकारी अधिकारियों को दी।
अधिकारियों ने बताया कि एक ग्रामीण ने अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) के पास गैलार्ड सीमांत गांव स्थित अपने खेत में जंग लगी टैंकरोधी बारूदी सुरंग देखी और तुरंत बीएसएफ के जवानों को सूचित किया। बीएसएफ की एक टीम मौके पर पहुंची और बारूदी सुरंग को निष्क्रिय कर दिया गया। उन्होंने बताया कि इससे एक बड़ा हादसा टल गया।