उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्र से संबंधित एसआईटी को महत्वपूर्ण सबूत हाथ लगा है। इसमें स्पष्ट है कि हिंसा के दौरान आशीष घटनास्थल पर ही था और जिस थार जीप ने प्रदर्शनकारी किसानों को कुचला था, उसमें वह सवार था। 
घटनास्थल के पास के दो दुकानों के पास लगे सीसीटीवी कैमरे के डीवीआर को पुलिस ने जब्त किया है। मिले फुटेज में दिख रहा है कि जिस वक्त तिकुनिया में हिंसा हुई उस वक्त आशीष घटनास्थल पर था और उसने सफेद शर्ट पहन रखी थी। इसी फुटेज के आधार पर पुलिस ने आशीष को गिरफ्तार किया है।
लखीमपुर में किसानों की मौत के बाद भीड़ ने गाड़ियों को आग लगा दी थी।
घटना के बाद भीड़ ने गाड़ियों को आग लगा दी थी (फोटो साभार: दैनिक भास्कर)

 

हिंसा में केंद्रीय मंत्री के बेटे का नाम आने के बाद दावा किया जा रहा था कि वह घटना पर मौजूद नहीं था और जीप ड्राइवर हरिओम चला रहा था। कहा जा रहा था कि उसी ने सफेद रंग की शर्ट पहनी थी, लेकिन उसका शव पीले रंग के धारीदार शर्ट में बरामद हुआ था। जीप से हुई घटना के बाद किसानों ने हरिओम की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी।

पुलिस ने आशीष मिश्र के नाम पर पंजीकृत एक लाइसेंसी राइफल और एक पिस्टल भी जब्त किया है। इन हथियारों की फोरेंसिक जाँच के लिए लैब में भेजा गया है। इसके अलावा एक मोबाइल भी जब्त किया गया है।

जाँच में यह बात भी सामने आई है कि आशीष की थार जीप का 13 जुलाई 2018 से बीमा नहीं कराया गया है। इस आधार पर मोटर व्हीकल एक्ट में भी कार्रवाई होगी। मृतकों के परिजन अगर आशीष से मुआवजे की माँग करते हैं और कोर्ट इसका आदेश देता है तो आशीष को मुआवजे का भुगतान भी करना होगा।

गौरतलब है कि आज सोमवार को आशीष मिश्र के पुलिस कस्टडी पर सुनवाई शुरु, जिसके कोर्ट ने तीन दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया है। पुलिस ने अदालत से 14 दिन की रिमांड मांगी थी। इसके पहले अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था।

दरअसल, लखीमपुर के तिकुनिया गांव में 3 अक्टूबर को दोपहर प्रदर्शन कर रहे किसानों को तीन गाड़ियां (थार जीप, फॉर्च्यूनर और स्कॉर्पियो) ने रौंद दिया। इसके बाद फैली हिंसा में कुछ लोगों की मौत हो गई। इस हिंसा में कुल 8 लोगों की मौत हो गई। इनमें 4 किसान, एक स्थानीय पत्रकार, दो भाजपा कार्यकर्ता शामिल हैं। इसके बाद उत्तर प्रदेश सहित देश में सियासत अपने चरम पर है।