देशभर में धर्मांतरण का रेकैट चलाने वाले उमर गौतम और जहांगीर ने लखनऊ की प्रियंका सेन और चंद्रकला यादव का भी धर्म परिवर्तन करवाया था। इसके बाद वे अब धर्म बदलकर परिवार से अलग रह रही हैं। इनमें से प्रियंका अलीगंज के मेंहदी टोला की रहने वाली है, जबकि चंद्रकला का परिवार तेलीबाग में रहता है। गौरतलब है कि मौलाना उमर खुद हिंदू था, लेकिन इश्क में इस्लाम अपना लिया।

फातिमा मोहम्मद बनी प्रियंका सेन

प्रियंका मुस्लिम बनने के बाद फातिमा मोहम्मद फारूक के नाम से जानी जाती है। जहांगीर के यहां से एटीएस ने जो दस्तावेज बरामद किए हैं, उसमें प्रियंका का पता 532 केएनए….336 मेंहदी टोला अलीगंज लिखा हुआ है। प्रियंका के मेंहदी टोला स्थित घर में उसकी मां माया सेन और भाई रहते हैं। 
प्रियंका अब कहां और किस हाल में है इस बात का पता उसके परिवार वालों को भी नहीं है। मां माया सेन ने बताया कि वर्ष 2010 तक वे लोग दिल्ली में पूरे परिवार संग रहते थे। उनके पति भगवती सेन की करंट लगने से मौत हो गई थी। इसके बाद वह अपने बेटे नितिन और बेटी प्रियंका के साथ अलीगंज के मेहंदी टोला में अपने पुश्तैनी मकान में आकर रहने लगी। उन्होंने बताया कि बेटी प्रियंका ने सॉफ्टवेयर से डिप्लोमा किया था।


कनीज फातिमा बनी चंद्रकला यादव

तेलीबाग के राजीव नगर घोसियाना में रहने वाली चंद्रकला इस्लाम अपनाने के बाद कनीज फातिमा के नाम से जानी जाती है। चंद्रकला के पिता ओपी यादव सेना से सूबेदार के पद से रिटायर हैं। परिवार में चंद्रकला समेत तीन बेटियां है। चंद्रकला दूसरे नंबर की बेटी है। करीब 33 वर्षीय चंद्रकला ने बी.फार्मा की पढ़ाई की है। वह जयपुर में निजी संस्थान में पढ़ाने का काम करती है। घरवालों का कहना है कि अब उससे हमारा कोई संबंध नहीं है।


प्रतीकात्मक फोटो (साभार:गूगल)

धर्मांतरण का मुख्य आरोपी मोहम्मद उमर गौतम लखनऊ से संचालित अल हसन एजुकेशन एंड वेलफेयर फाउंडेशन में भी पदाधिकारी है। एटीएस को आशंका है कि इस संस्था से भी फंडिंग की जा रही थी। उमर इस संस्था में उपाध्यक्ष के पद पर है। अल हसन एजुकेशन एंड वेलफेयर फाउंडेशन लखनऊ के मलिहाबाद के रहमानखेड़ा में एक स्कूल संचालित कर रहा है। दसवीं तक के सीबीएसई बोर्ड के इस स्कूल में 500 बच्चों को निशुल्क शिक्षा देने की भी बात कही जाती है।


18 बार इंग्लैंड, 4 बार अमेरिका गया था उमर

मोहम्मद उमर गौतम धर्म परिवर्तन के कार्यक्रमों के लिए 18 बार इंग्लैंड, 4 बार अमेरिका, सिंगापुर, पोलैंड व अफ्रीका के कई देशों की यात्राएं की। उसने विदेश में भी कई लोगों का धर्मांतरण करवाया था। उमर के सामने आए दो वीडियो से यह खुलासा हुआ है। 


वीडियो में उमर कह रहा है कि जिस यूनिवर्सिटी में वह पढ़ता था, वहां भी उसने सात लोगों का धर्मांतरण करवाया था, इनमें उसका गोरखपुर का एक यादव मित्र भी है। वह कानपुर की छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी की एक हिंदू छात्रा का भी धर्मांतरण करवाए जाने का दावा कर रहा है। 

वीडियो में वह स्वीकार कर रहा है कि उसके दिल्ली के इस्लामिक दावाह सेंटर से धर्मांतरण के करीब एक हजार से ज्यादा सर्टिफिकेट जारी किए हैं। सेंटर से हर माह करीब 15 सर्टिफिकेट जारी किए जाते थे। यह सेंटर असम के सांसद बदरुद्दीन अजमल के कहने पर खोला गया था।