सीमा दिखा चीनी हेलीकॉप्टर, भारत के लड़ाकू विमानों ने खदेड़ा
नई दिल्ली, प्रेट्र। भारत से लगी सीमाओं पर चीन अकारण तनाव पैदा करने की हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। लद्दाख में अतिक्रमण के विफल प्रयास के बाद अब चीनी हेलीकॉप्टरों ने इसी क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के बेहद समीप उड़ान भरी।
हालांकि भारतीय वायुसेना के सुखोई लड़ाकू विमानों ने इन हेलीकॉटरों को खदेड़ दिया। पूर्वी लद्दाख में बीते हफ्ते भी चीनी सैनिकों ने घुसने की कोशिश की थी। इस पर दोनों ओर के सैनिकों के बीच धक्का-मुक्की हो गई थी। इसमें कई सैनिक घायल हो गए थे। इसी तरह की घटना सिक्किम सीमा पर भी हुई थी। पूर्वी लद्दाख के पैंगोंग लेक इलाके में गत पांच मई को हुई हिंसक झड़प के चलते अब भी तनाव का माहौल है। हालांकि इस घटना के अगले ही दिन दोनों देशों के स्थानीय कमांडरों के बीच हुई बैठक में तनातनी को खत्म करने को लेकर सहमति बनी थी।
सूत्रों ने बताया कि इलाके में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हुई झड़प के बाद ही चीनी सैन्य हेलीकॉप्टरों को एलएसी के समीप उड़ते देखा गया। वे सीमा के बेहद करीब आ गए थे। इनकी भनक लगते ही भारतीय वायुसेना के सुखोई-30 लड़ाकू विमान पहुंच गए और हेलीकॉप्टरों को खदेड़ दिया। उन्होंने कहा कि चीनी हेलीकॉप्टर नियमित रुप से अपने क्षेत्र में उड़ान भरते रहते हैं। भारतीय सेना के हेलीकॉप्टर भी अपने क्षेत्र में उड़ते हैं।
पूर्वी लद्दाख के पैंगोंग लेक के उत्तर छोर पर भारत और चीन के सैनिकों के बीच तकरीबन पूरी रात टकराव की स्थिति बनी रही थी। दोनों ओर के करीब ढाई सौ सैनिक एक-दूसरे के सामने आ गए थे। इस दौरान दोनों ओर के सैनिकों में धक्का-मुक्की और पथराव भी हुआ। इसमें दोनों देशों के कई सैनिक जख्मी हो गए। इस घटना के बाद दोनों तरफ से अतिरिक्त टुकडि़यां भी बुला ली गई थीं।
भारत और चीन के सैनिकों के बीच गत शनिवार को सिक्किम के नाकु-ला इलाके में झड़प हुई थी। यहां चीन के कुछ सैनिक भारतीय सीमा में दाखिल हो गए थे। भारतीय सैनिकों ने इसका विरोध किया। देखते ही देखते दोनों देशों के करीब डेढ़ सौ सैनिक एक-दूसरे के सामने आ गए। इस तनातनी ने पथराव का भी रुप ले लिया था। इस टकराव में दोनों तरफ के करीब दस सैनिक मामूली रुप से घायल हो गए थे।
वर्ष 2017 में भारत और चीन की सेनाओं के बीच डोकलाम (भूटान) में 73 दिनों तक तनातनी रही। इस दौरान दोनों ओर की सेनाएं एक-दूसरे के सामने कुछ सौ मीटर पर तैनात थीं। दोनों देशों में युद्ध की आशंका तक गहराने लगी थी। इस घटना के बाद अप्रैल, 2018 में चीन के वुहान शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की पहली अनौपचारिक बैठक हुई थी।
इसमें दोनों नेताओं ने भरोसा और समझ बढ़ाने के लिए बातचीत को मजबूत करने के उद्देश्य से अपनी सेनाओं के लिए स्ट्रेटजिक गाइडेंस जारी करने का फैसला लिया था। गत वर्ष तमिलनाडु के मामल्लपुरम में भी मोदी और चिनफिंग के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा हुई थी।