औरंगाबाद, शुक्रवार सुबह महाराष्ट्र के औरंगाबाद में रेलवे ट्रैक पर सो रहे प्रवासी मजदूरों के ऊपर से मालगाड़ी गुजरने से बड़ा हादसा हो गया। ये सभी मजदूर शुक्रवार को औरंगाबाद रेलवे स्टेशन से छूटने वाली विशेष ट्रेन में सवार होने के लिए जालाना से रात को रवाना हुए थे। ये लोग रेल की पटरियों पर चलते हुए औरंगाबाद पहुंचना चाह रहे थे लेकिन थकान के कारण ये लोग औज सुबह 4:00 बजे के आसपास आराम के लिए कुछ देर पटरी पर ही सो गए। इसी दौरान पीछे से आए एक इंजन ने इन सभी मजदूरों को अपनी चपेट में ले लिया जिससे 14 की मृत्यु हो गई। इस घटना में दो मजदूर गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं उनका उपचार औरंगाबाद के घाटी मेडिकल अस्पताल में किया जा रहा है। 

ये सभी मजदूर मध्य प्रदेश के उमरिया और शहडोल जिले के रहने वाले थे जो अपने घर वापस लौट रह थे। पुलिस ने बताया की यह हादसा औरंगाबाद के करमद के पास सुबह 5.15 बजे हुआ है जिसमें 14 मजदूरों की मौत हो गई है, जबिक दो अन्य घायल हो गए हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है।

मृतकों के परिवारों को महाराष्ट्र सरकार ने 5-5 लाख रुपये की राहत राशि देने का एलान किया है। महाराष्ट्र मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से कहा गया है, “करमद (औरंगाबाद) ट्रेन हादसे में मृतकों के परिवारों को 5 लाख रुपये की राहत राशि देने की घोषणा की गई है।”गृह मंत्री अमित शाह ने भी प्रभावित परिवारों का सांत्वना दी है। वहीं राज्य के राज्यपाल भगत सिंह कोशियारी ने मजदूरों की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया है और इसे दिल दहलाने वाली घटना बताई है। उन्होंने कहा, “रेलवे ट्रेक पर सो रहे निर्दोष मजदूरों की दुर्भाग्यपूर्ण मौत की खबर दिल दहलाने वाली है।”

वहीं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी सभी मृतकों के स्वजनों को पांच-पांच लाख रुपय देने की घोषणा की है। वहीं दूसरी तरफ आदिवासी विकास विभाग के मंत्री व स्थानीय विधायक मीना सिंह इन मजदूरों के शव को उमरिया लाने के लिए विशेष प्लेन से औरंगाबाद रवाना हो रही हैं। 

गृह मंत्री अमित शाह ने हादसे पर शोक जताया है। उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र ट्रेन हादसे में गई प्रवासी मजदूरों की मौत पर दुख शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है। मैंने रेल मंत्री पीयूष गोयल और केंद्र एवं रेलवे के संबंधित अधिकारियों से मामले में बात की है ताकि हर संभव मदद की जा सके। हादसे में प्रभावित परिवारों के साथ मेरी सांत्वना है।”