मुरादाबाद नगर सीट पर BJP की 782 वोटों वाली जीत कितनी सुरक्षित? SIR के बाद बदला गणित
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में बस कुछ ही दिन बचे हैं। इसको देखते हुए हम आपको उन सीटों के बारे में लगातार बताते आ रहे हैं, जहाँ यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में 5,000 से कम मार्जिन पर जीत-हार हुई थी। ऐसी सीटों में एक सीट मुरादाबाद जिले के अंतर्गत आने वाली मुरादाबाद नगर सीट है।
साल 2022 के विधानसभा चुनावों में इस सीट पर भाजपा के प्रत्याशी रितेश कुमार गुप्ता ने सिर्फ 782 मतों से जीत हासिल की थी। रितेश गुप्ता ने समाजवादी पार्टी के समाजवादी पार्टी गठबंधन के युसूफ अंसारी को हराया था। रितेश गुप्ता को कुल 1,18,095 वोट मिले थे, जबकि अंसारी को 1,39,781 वोट मिले थे।
साल 2012 के विधानसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी ने इस सीट पर जीत हासिल की थी। हालाँकि, पिछले दो चुनावों से समाजवादी पार्टी को यहाँ हार का सामना करना पड़ रहा है। साल 2017 में भी रितेश गुप्ता ने इस सीट पर 3 हजार से अधिक वोटों से जीत दर्ज की थी।
मुरादाबाद नगर विधानसभा की स्थिति
मुरादाबाद नगर मुस्लिम बहुल सीट है। इस पर 1951 से अब तक 6 हिंदू उम्मीदवारों ने 11 बार जीत दर्ज की है। वहीं, 5 मुस्लिम उम्मीदवार 7 बार जीते हैं। भाजपा के हिस्से में यह सीट 7 बार आई है, जिसमें भारतीय जनसंघ के तौर पर एक जीत भी शामिल है। वहीं, कांग्रेस ने 4 बार और जनता दल एवं निर्दलीयों ने दो-दो बार जीत हासिल की है.
चूँकि मुस्लिमों का वर्तमान झुकाव सपा की तरफ है तो जिले की अधिकांश सीटों पर भी सपा का प्रभाव है। मुरादाबाद जिले में विधानसभा की कुल 6 सीटें हैं। इनमें से 5 सीटों पर पिछले विधानसभा चुनाव में सपा ने जीत दर्ज की थी। वहीं, 2017 के विधानसभा चुनाव में यहाँ से सपा के 4 विधायक थे।
साल 2017 में जिले के देहात सीट से सपा के हाजी इकराम कुरैशी, कुंदरकी से हाजी रिजवान, बिलारी से मोहम्मद फहीम और ठाकुरद्वारा से नवाब जान खान ने जीत दर्ज की थी। साल 2022 में रिजवान और इकराम टिकट कटने के बाद सपा छोड़ दिए। दोनों चुनाव लड़े, लेकिन हार गए।
वहीं, बिलारी से सपा विधायक फहीम और ठाकुरद्वारा से सपा विधायक नवाबजान खां ने जीतकर हैट्रिक बनाई है। भाजपा सिर्फ एक यानी मुरादाबाद नगर सीट ही जीत पाई थी। साल 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद कुंदरकी विधानसभा में उपचुनाव हुआ तो भाजपा ने इसे सपा से छीन लिया।
वर्तमान में मुरादाबाद जिले में सपा के 4 विधायक और भाजपा के 2 विधायक हैं। साल 2022 में जब पूरे जिले में मुरादाबाद नगर सीट की इकलौती सीट को भाजपा ने जीता सपा ने हंगामा कर दिया और इस जीत को धाँधली बताया था। हालाँकि, भाजपा ने इसे जमीनी हकीकत कहकर सपा के आरोपों को पूरी तरह नकार दिया था।
साल 2022 के चुनाव में मुरादाबाद शहर विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी के मुस्लिम प्रत्याशी को सिर्फ मुस्लिम और यादव समाज का वोट मिला था। वहीं, भाजपा को सवर्णों के अलावा सैनी समेत अन्य ओबीसी जातियों का भी वोट मिला था। इसके अलावा, भाजपा को एससी समाज की 3 जातियों के भी वोट मिले थे।
इसके अलावा, भाजपा की जीत के पीछे बहुजन समाज पार्टी और कॉन्ग्रेस के प्रत्याशियों द्वारा मुस्लिम वोटों में भारी सेंधमारी भी एक वजह मानी जा सकती है। यहाँ कॉन्ग्रेस के रिज़वान कुरैशी को 5,351 वोट मिले थे और वह चौथे स्थान पर थे। तीसरे स्थान पर बसपा के इरशाद हुसैन थे, जिन्हें 14,013 वोट मिले थे।
इस सीट पर सपा की सबसे बड़ी चुनौती ‘हिंदू बनाम मुस्लिम’ का ध्रुवीकरण रहा है। अगर अन्य दलों से मुस्लिम प्रत्याशी ना हों तो यह ध्रुवीकरण सपा के लिए फायदेमंद हो जाता है, लेकिन दूसरे दल भी मुस्लिम प्रत्याशी उतार देते हैं तो यह भाजपा के लिए फायदेमंद हो जाता है, जैसा कि साल 2022 के चुनाव में दिखा।
लोकसभा चुनाव में सीट की स्थिति
मुरादाबाद नगर सीट मुरादाबाद संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आता है। साल 2024 के लोकसभा चुनावों में मुरादाबाद संसदीय सीट पर सपा को जीत मिली थी। सपा की रूचिवीरा ने भाजपा के कुँवर सर्वेश सिंह को लगभग 10,000 वोटों से हराया था। रूचिवीरा को 6,37,363 वोट मिले थे। वहीं, कुँवर सर्वेश सिंह को 5,31,601 मत मिले थे।
साल 2024 के लोकसभा चुनाव में इस लोकसभा सीट पर समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी के जीत के पीछे मुस्लिम और वैश्य समीकरण प्रमुख कारण रहा है। रूचिवीरा वैश्य समुदाय से ताल्लुक रखती हैं। इसलिए मुस्लिम, यादव और वैश्य का संयुक्त वोट रूचीवीरा की जीत का कारण बना था।
जातीय समीकरण
साल 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान मुरादाबाद नगर सीट पर लगभग 5,38,363 वोटर्स थे। इनमें सबसे अधिक संख्या मुस्लिम मतदाताओं की है। यहाँ लगभग 2,40,000 मुस्लिम मतदाता हैं। वहीं, हिंदू मतदाता की संख्या लगभग 2,55,000 है। हिंदू मतदाताओं में लगभग 60,000 सैनी, लगभग 50,000 दलित, 30 हजार वैश्य, 25 हजार क्षत्रिय, 20 हजार ब्राह्मण, 8 हजार कायस्थ और 15 हजार पंजाबी मतदाता हैं।
साल 2026 में हुए SIR के बाद मुरादाबाद नगर विधानसभा सीट पर 4,83,034 मतदाता बचे हैं। एसआईआर के बाद मुरादाबाद शहर विधानसभा में भी बड़े पैमाने पर मतदाताओं के वोट कटे हैं। यहाँ 55,329 मतदाता कम हुए हैं, जो अगले चुनाव में भारी असर डालेंगे।