नई दिल्ली, आ​र्थिक तंगहाली के बीच फिच रेटिंग्स (Fitch Ratings) ने भारत के लिए राहत वाली खबर देते हुए कहा है कि भारत की अर्थव्यवस्था अन्य देशों के मुकाबले बेहतर स्थिति में है. क्रेडिट रेटिंग एजेंसी फिच रेटिंग्स ने भारत की लॉन्ग टर्म रेटिंग को ‘BBB-‘ बरकरार रखा है और भारत के आउटलुक (Economic Outlook) को भी स्थिर रखा है. रिपोर्ट में फिच ने कहा, ”अन्य देशों के मुकाबले भारतीय जीडीपी ग्रोथ (GDP Growth Rate) को लेकर हमारा आउटलुक अभी भी सॉलिड है. हालांकि, पिछली कुछ तिमाहियों में ग्रोथ रेट में गिरावट दर्ज की गई है, जिसके पीछे घरेलू फैक्टर्स भी रहे हैं.”

फिच ने कहा कि भारत में गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) के लिए क्रेडिट संकट और कंज्यूमर कॉन्फिडेंस (Consumer confidence) की वजह से ग्रोथ रेट में कमी आई है. फिच ने अनुमान लगाया है कि चालू वित्त वर्ष के अंत में ग्रोथ 4.6 फीसदी के ​करीब रहा सकता है, जोकि वित्त वर्ष 2019 के अंत में 6.8 फीसदी था. फिच ने अनुमान लगाया है कि वित्त वर्ष 2021 में भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट 5.6 फीसदी और वित्त वर्ष 2022 में 6.5 फीसदी रह सकता है. मौजूदा समय के मुकाबले जीडीपी ग्रोथ रेट में यह इजाफा मौद्रिक सहूलियत और फिस्कल पॉलिसी की वजह से होगा. साथ ही, मध्य अवधि में ढांचागत उपायों की वजह से भी इसको सहारा मिलेगा.

रिपोर्ट में कहा गया, ”भारत की रेटिंग को लेकर हमारा यह अनुमान वित्त वर्ष 2020 के लिए केंद्र सरकार राजकोषीघ घाटे के लक्ष्य के आधार पर है, जोकि वर्तमान में जीडीपी का 3.3 फीसदी है.” मध्यावधि के हिसाब से देखें तो केंद्र सरकार अर्थव्यवस्था को बूस्ट करने और राजकोषीय घाटे में संतुलन बनाना आसान नहीं होगा. पिछले माह ही ​आर्थिक हालात को देखते हुए मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने भारत के क्रेडिट रेटिंग आउटलुक को स्टेबल से निगेटिव कर दिया था. मूडीज ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि केंद्र सरकार बजट घाटे को कम करने और बढ़ते कर्ज के बीच फंसी है.

फिच ने अपनी रिपोर्ट में यह भी अनुमान लगाया है कि 2020 में भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) नीतिगत ब्याज दरों में 65 आधार अंक यानी 0.65 फीसदी की कटौती कर सकता है. बता दें कि फरवरी 2019 के बाद से अब तक आरबीआई ने ब्याज दरों में कुल 135 आधार अंक की कटौती कर चुका है.