पाकिस्तान की नई साजिश, अफगानिस्तान से भारतीयों को अगवा करवाकर साबित कर रहा जासूस
नई दिल्ली. भारत को बदनाम करने के लिए पाकिस्तान (Pakistan) हर हथकंडा अपना रहा है. दुनिया में भारत की छवि धूमिल करने के लिए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी नापाक चाल चल रही है. पाकिस्तान अब अफगानिस्तान में प्राइवेट कंपनियों में काम कर रहे भारतीय इंजीनियर्स (Indian Engineers) और टेक्निकल एक्सपर्ट्स को तालिबान (Taliban) के जरिये किडनैप करवा कर उनसे खरीद रहा है. फिर उन्हें रॉ (RAW) का एजेंट बताकर पूरी दुनिया को दिखाना चाहता है कि कैसे पाकिस्तान (Pakistan) में रॉ एजेंट्स का जाल बिछा हुआ है और भारत आतंकी कार्रवाई के ज़रिए पाकिस्तान को अस्थिर करने की कोशिश कर रहा है.
अफगानिस्तान के अलग-अलग इलाकों में प्राइवेट कंपनियों में काम कर रहे चार हिंदुस्तानी इंजीनियर्स और सॉफ्टवेयर एक्सपर्ट्स को ISI ने तालिबान के जरिये किडनैप करवा लिया था. ये चारों इंजीनियर दक्षिण भारतीय राज्यों से संबंध रखते हैं. इनमे से एक को काबुल (Kabul) से, एक को कंधार (Kandhar) से और दो को अफगानिस्तान (Afghanistan)-ईरान (Iran) बॉर्डर से किडनैप किया गया था. लेकिन कुलभूषण जाधव (Kulbhushan Jadhav) एपिसोड के बाद से अलर्ट भारतीय एजेंसियों ने इन्हें ISI के हाथों सौंपे जाने के ठीक पहले आपरेशन कर छुड़वा लिया.
छुड़वाए गए भारतीयों का रॉ, IB या किसी भी सुरक्षा एजेंसी से कोई लेना देना नहीं है. इन सारे भारतीयों को नवंबर से लेकर दिसंबर के पहले सप्ताह के बीच रेस्क्यू कर सुरक्षा के लिहाज से दिल्ली भेज दिया गया. दरअसल पाकिस्तान दुनिया को ये दिखाना चाहता है कि पाकिस्तान में आतंकवाद के लिए RAW ज़िम्मेदार है और FATF के सामने भी वह इस तथ्य को रखना चाहता है. साथ ही ISI ने तालिबान को फंडिंग कर उसे हेरात, काबुल, जलालाबाद में काम कर रहे लोगों, भारतीय कंपनियों, भारत की बनाई इमारतों पर हमले करने को कहा है. ऐसे में आने वाले वक्त में अफगानिस्तान में भारतीयों पर ताबड़तोड़ हमले हो सकते हैं.