नई दिल्ली, पाकिस्तान द्वारा अपने सभी एफ-16 लड़ाकू विमान भारतीय सीमा के पास तैनात करने और आतंकी ठिकानों को पश्चिम में संघीय प्रशासित कबाइली क्षेत्र (एफएटीए) में शिफ्ट करने के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने बुधवार को सेना, वायुसेना और नौसेना के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की। 

इस दौरान इमरान खान ने ज्वॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के चेयरमेन जनरल जुबैर महमूद हयात, सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा, वायुसेना प्रमुख एयर मार्शल मुजाहिद अनवर खान और नौसेना प्रमुख एडमिरल जफर महमूद अब्बासी से मुलाकात की। यह बैठक पाकिस्तान दिवस परेड से दो दिन पहले की गई। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, “बैठक के दौरान पाकिस्तान के सशस्त्र बलों से संबंधित पेशेवर मामलों सहित देश की सुरक्षा स्थिति पर चर्चा की गई।” 

खबर है कि पाकिस्तान अपने सभी एयरबेस से भारत को ध्यान में रखकर एफ-16 से अभ्यास कर रहा है। पाकिस्तानी वायुसेना के लड़ाकू विमानों का हर रात उड़ान भरना जारी है। पाकिस्तान ने अबतक अपने हवाई क्षेत्र को भी बंद कर रखा है और नागरिक उड़ानों को इजाजत नहीं दी है। 

पाकिस्तानी गतिविधियों को देखते हुए भारतीय सेना हाई अलर्ट पर है।  दोनों ओर से सोर्टीज की संख्या बढ़ा दी गई है। ये सोर्टीज मिसाइल से पूरी तरह लोड हैं। इससे गोलाबारूद की मारक क्षमता कम हो जाती है। सामने आ रही रिपोर्ट में कहा गया है कि मिसाइल्स की भी अपनी समय सीमा होती है। कनस्तर में रखे रहने पर इन्हें उम्र के हिसाब से गिना जाता है लेकिन जब युद्ध होता है तो यह देखा जाता है कि कितनी मिसाइलें सही दागी गई हैं इसलिए हमें फिर से स्टॉक भरने की आवश्यकता है। गोलाबारूद में मुख्य तौर पर हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल की आवश्यकता है जिसे गश्त के दौरान पाकिस्तानी एयर फोर्स को काउंटर करने में मदद मिलेगी।