केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को मणिपुर के तत्कालीन महाराजा कुलचंद्र ध्वज सिंह और 22 अन्य स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान में अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह स्थित कालापानी के माउंट हैरियट का नाम बदलकर माउंट मणिपुर करने की घोषणा की। अमित शाह ने कहा कि यह कदम मणिपुर के उन स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मान देने के लिए उठाया गया है, जिन्होंने अंडमान के सेलुलर जेल में कालापानी की सजा काटी है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में मणिपुर का महत्वपूर्ण योगदान था, लेकिन इस राज्य को उचित सम्मान नहीं मिल पाया। इसी के साथ मणिपुर सरकार उस स्थान पर एक स्मारक भी बनवाएगी।

मणिपुर के तत्कालीन महाराजा कुलचंद्र ध्वज सिंह के पुत्र और सैन्य कमांडर टिकेंद्रजीत सिंह (फोटो साभार:wikiwand)

 

अमित शाह ने कहा, “1857 की क्रांति और 1891 में पूरे ब्रिटिश शासन के विरुद्ध संघर्ष में मणिपुर का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उस समय में मणिपुर एकमात्र ऐसा राज्य था, जिसने अपना खुद का संविधान लागू किया था। मणिपुर में स्वतंत्रता के संघर्ष के नायक युवराज टिकेंद्रजीत और जनरल थंगल को इंफाल के फीदा में सार्वजनिक रूप से फांसी दे दी गई। बाद में महाराजा कुलचंद्र ध्वज सिंह और 22 स्वतंत्रता सेनानियों को कालापानी भेज दिया गया। उन सभी को यहाँ माउंट हैरियट पर रखा गया था। आज उनकी याद में हम माउंट हैरियट का नाम माउंट मणिपुर रख कर उनके योगदान का सम्मान करना चाहते हैं।”

महाराजा कुलचंद्र ध्वज सिंह को ब्रिटिश महारानी के विरुद्ध युद्ध छेड़ने के आरोप में लेफ्टिनेंट कर्नल सेंट जॉन मिशेल की अध्यक्षता वाले एक विशेष आयोग ने उनकी संपत्तियों को जब्त कर लिया। इसके साथ ही उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। बाद में उन्हें उत्तर प्रदेश के राधाकुंड भेज दिया गया जहाँ, 1934 में उनकी मृत्यु हो गई थी।

हर वर्ष 13 अगस्त को मणिपुर के लोग अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष में अपनी जान देने वाले सेनानियों की याद में देशभक्ति दिवस मनाते हैं। माउंट हैरियट का नाम माउंट मणिपुर करने का मकसद 1891 के एंग्लो-मणिपुर युद्ध में मणिपुर के वीर योद्धाओं के बलिदान का सम्मान करना है।

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने केंद्र के मोदी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा, “यह नामकरण महाराजा कुलचंद्र और कालापानी की सज़ा काटने वाले मणिपुर के अन्य स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि है”। इस निर्णय के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को धन्यवाद दिया है।

इसी के साथ मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने आगे बताया कि केंद्र सरकार अंडमान निकोबार द्वीप के माउंट मणिपुर में एक स्मारक बनाने में मणिपुर सरकार की सहायता करेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि इसके लिए अंडमान सरकार और मणिपुर सरकार के बीच लीज एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर की प्रक्रिया भी चल रही है।