कश्मीर में टारगेट किलिंग के बाद गैर-कश्मीरियों को सेना के शिविरों में लाने की बात को आईजी ने नकारा, कहा- खबर फर्जी
जम्मू-कश्मीर में आतंकियों द्वारा गैर-कश्मीरियों और राज्य के अल्पसंख्यक हिंदुओं को टारगेट कर लगातार हत्या की जा रही है। इसी बीच खबर आई कि प्रशासन ने कश्मीर घाटी में रहने वाले गैर-कश्मीरी हिंदुओं की पहचान कर उन्हें सुरक्षाबलों के शिविरों में लाया जाएगा। मीडिया में इस संबंध में एडवायजरी जारी करने की बात भी कही जा रही थी। इसी बीच कश्मीर रेंज के पुलिस आईजी विजय कुमार ने खबर का खंडन करते हुए इसे फर्जी बताया है।
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| कश्मीर घाटी में सतर्क सुरक्षाबल (साभार: इंडियन एक्सप्रेस) |
कश्मीर जोन पुलिस ने अपने ट्विटर हैंडल पर से ट्वीट कर इस खबर को फर्जी बताया है। ट्वीट में कहा गया है, “गैर-स्थानीय मजदूरों को पुलिस/सेना शिविरों में स्थानांतरित करने के लिए जिला के पुलिस अधिकारियों को आदेश देने की खबर फर्जी है।” समाचार एजेंसी केएनओ के मुताबिक, आईजीपी ने कहा, “ऐसा कोई आदेश नहीं दिया गया है। यह गलत खबर है।”
Order asking district police authorities to relocate non-local labourers to Police/Army camps is fake: IGP Kashmir@JmuKmrPolice pic.twitter.com/QY2dGV5KFI
— Kashmir Zone Police (@KashmirPolice) October 17, 2021
गौरतलब है कि रविवार को दक्षिणी कश्मीर के कुलगाम में आतंकियों ने दो गैर-कश्मीरी मजदूरों की हत्या कर दी। मृतकों की पहचान बिहार निवासी राजा देव और जोगिंदर देव के रूप में हुई है। वहीं, घायल व्यक्ति की पहचान चुनचुन देव के रूप में हुई है। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, “हम अपने कमरे में बैठे थे, तभी हमारा एक साथी आया और कहा कि हमारे तीन लोगों को गोली मार दी गई है। हम उन्हें अस्पताल ले गए, जहाँ दो को मृत घोषित कर दिया गया।”
एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, “मजदूरों को आतंकवादियों ने छह गोलियाँ मारी थीं। मुझे नहीं पता कि कमरे के अंदर कितने बंदूकधारी थे।”
उल्लेखनीय है कि रविवार को दो गैर-कश्मीरी युवकों की हत्या के बाद से कश्मीर घाटी के सभी जिलों के गैर-कश्मीरियों को सुरक्षाबलों के कैंपों में शिफ्ट करने का आदेश देने की खबर आ रही थी।
एक अनुमान के मुताबिक, इस समय घाटी में 50 हजार से अधिक मजदूर रह रहे हैं। बता दें कि पिछले 15 दिनों में कश्मीर में आतंकवादियों द्वारा 11 नागरिकों की हत्या कर दी गई है।