धर्मांतरण के लिए इस्लामिक देशों से मिलते थे फंड, मौलाना उमर के पास है अरबों रुपये की संपत्ति
उत्तर प्रदेश के साथ-साथ देश के 24 राज्यों में सक्रिय मौलाना उमर का धर्मांतरण रैकेट को पैसे की कमी नहीं होने दी जाती थी। मौलाना उमर को इस्लामी देशों से भरपूर वित्तीय सहायता मिलती थी, ताकि लोभ-लालच, साजिश आदि जैसे भी हो धर्मांतरण के रास्ते में पैसे की कमी ना आए। इस बात का खुलासा दोनों ने उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ते (UP ATS) के समक्ष किया है।
उमर गौतम ने पूछताछ में बताया कि असम से सांसद बदरुद्दीन अजमल के कहने पर 2011 से 2012 के बीच दिल्ली में इस्लामिक दवाह सेंटर की स्थापना की गई। उमर गौतम तो अपने काम का प्रचार-प्रसार करने आठ से दस देशों में भी गया था। इस्लामिक देशों से मदद मिलने के मामले में इस्लामिक दवाह सेंटर से 600 से ज्यादा कागजात मिले हैं। दिल्ली में मतांतरण कराने वाले 150 लोगों कागजात मिले हैं। उत्तर प्रदेश में 160 से 180 के करीब सर्टिफिकेट मिले हैं। जिसकी जांच जारी है। इन दोनों के गिरोह का जाल राजस्थान, बिहार, झारखंड, हरियाणा, आंध्र प्रदेश सहित अन्य 15 राज्यों तक फैला है।
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| मुस्लिम महिलाएँ (फोटो साभार: न्यू स्ट्रेट टाईम्स) |
विदेशों से फंडिंग के पुख्ता प्रमाण
उत्तर प्रदेश शासन में अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि मतांतरण के प्रकरण में विदेशों से फंडिंग के पुख्ता सुबूत मिले हैं। एक खाता भी कन्फर्म हो गया है, जिसमें विदेशों से रकम आती थी। यह धनराशि क्यों और कैसे आती थी, इसकी जांच की जा रही है। कहीं यह गलत काम को बढ़ावा देने के लिए धनराशि एकत्र करने का माध्यम तो नहीं है।
मतांतरण मामले पर सीएम योगी गंभीर
अवनीश अवस्थी ने कहा कि मतांतरण मामले पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेहद गंभीर हैं और हर पल की जानकारी ले रहे हैं। इसी के तहत उत्तर प्रदेश में अवैध मतांतरण रोकने के लिए कानून लाया गया है। इस मामले यूपी एटीएस के साथ-साथ ईडी व अन्य केंद्रीय एजेंसियों की मदद ली जा रही है।
मौलाना उमर के पास अरबों की संपत्ति की जांच
मौलाना उमर के पास इस्लामिक देशों से मिले फंड से अरबों की संपत्ति है। मौलाना के पास गाजियाबाद के अलावा नई दिल्ली में भी संपत्ति का पता चला है। इसके अलावा, गौतमबुद्ध नगर की उसकी संपत्ति के कागजों की जांच चल रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि मौलाना गाजियाबाद के किसी स्कूल में फंड देने का भी काम करता था। एटीएस अब मौलाना उमर के बैंक डिटेल्स को भी चेक कर रही है।