पाकिस्तान की कुख्यात खुफिया एजेंसी ISI दिल्ली सहित देश के बड़े शहरों समेत कई शहरों में फिदायीन हमले हमला करा सकती है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वाली भीड़ भरी रेलगाड़ियों में ब्लास्ट कर अधिकतम पहुँचाने की इनकी योजना है। आईएसआई ने आतंकियों को मानव बम बनकर या टारगेट किलिंग का आदेश दिया गया है, जबकि ट्रेन में हमले के लिए छोटे-छोटे टाइम बम का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है। हमलों के लिए ड्रोन के इस्तेमाल की भी आशंका है। इसके लिए ISI देश में छिपे स्लीपर सेल व  गैंगस्टर का इस्तेमाल करेगी।  

खुफिया विभाग व दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को मिले इनपुट के आधार पर दिल्ली में कई जगहों पर अर्धसैनिक बलों को तैनात कर दिया गया है। इनपुट्स में कहा गया है कि देश की महत्वपूर्ण इमारत व भीड़-भाड़ वालों जगहों पर छोटे-छोटे बम धमाके करवाए जा सकते हैं। 

सांकेतिक चित्र...
इस्लामी आतंकी (प्रतीकात्मक फोटो)

वहीं, ट्रेनों को उड़ाने की ISI की मंशा का पता हालिया दरभंगा ब्लास्ट से पता चलता है। बिहार और उत्तर प्रदेश जाने वाली ट्रेनों में भारी भीड़ होती है और इनमें अधिकांश मजदूर वर्ग के लोग सफर करते हैं। इसीलिए ISI ने इन ट्रेनों में टाइमर के जरिए ब्लास्ट करने की साजिश रची है, ताकि जान-माल का नुकसान ज्यादा हो। इस संबंध में बिहार रेल पुलिस का एक डिपार्टमेंटल लेटर दैनिक भास्कर के हाथ लगा है।

लेटर में लिखा है कि ISI आतंकी घटनाओं की साजिश रच चुकी है और पंजाब में अपने स्लीपर सेल को टाइमर के साथ एक बम देने की पेशकश की है। इसमें निर्देश दिया गया है कि तारों को जोड़ो और तैयार कर ट्रेन में बम को लगाओ। बम को उस ट्रेन में लगाने को कहा गया है, जिसमें बिहार और उत्तर प्रदेश के मजदूर आते-जाते हैं। लेटर में लिखा है कि मजदूरों को निशाना बनाकर कानून-व्यवस्था बिगाड़ी जा सकती है।

दरअसल, 17 जून को दरभंगा स्टेशन पर पार्सल ब्लास्ट में ब्लास्ट हुआ था। इसकी एनआईए और सहित दूसरी एजेंसियों ने जाँच की। जाँच में पता चला कि आतंकियों का इरादा चलती ट्रेन में ब्लास्ट करने की है।

रेल पुलिस मुख्यालय की तरफ से जारी आदेशों के बाद पटना जंक्शन की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। ट्रेन से आने वाले हर पार्सल और रेलवे मेल सर्विस की गहन जाँच हो रही है। इसके साथ ही यात्रियों से अपील की गई है कि संदिग्ध वस्तु दिखने पर पुलिस को तुरंत सूचित करें।

दरअसल, लखनऊ में अलकायदा के गिरफ्तार 2 आतंकियों से पूछताछ के बाद ये तारे आपस में जुड़ते जा रहे हैं। NIA ने दरभंगा ब्लास्ट में हैदराबाद से जिस इमरान मलिक और मोहम्मद नाशिर खान को गिरफ्तार किया था, वे ISI के आतंकी थे। दोनों शामली जिले में कैराना के रहने वाले थे। इनके वॉट्सऐप मैसेज से सुराग लगाकर कैराना से इनके दो साथियों कफील और सलीम को भी पकड़ा जा चुका है।

भास्कर के हाथ लगी चिट्‌ठी।
साभार: दैनिक भास्कर

पार्सल रिसीव होने और विस्फोट का मिशन पूरा होने की जानकारी इमरान ने अपने पाकिस्तानी आका और ISI हैंडलर इमरान काना को वॉट्सऐप के जरिए दी थी। इमरान और नाशिर के घर से IED बम बनाने का सामान भारी मात्रा में बरामद हुआ था। 

इस बार लखनऊ से पकड़े गए अंसार गजवातुल हिन्द के आतंकी मिनहाज और मसिरुद्दीन उर्फ मुशीर के घर से भी IED बम बनाने का सामान बरामद हुआ था। माना जा रहा है कि इस बार भी पंजाब के आतंकी को मैसेज भेजने वाला कोई और नही पाकिस्तानी एजेंट इमरान काना ही है।

वहीं, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल पूछताछ करने के लिए लखनऊ रवाना हो गई है। स्पेशल सेल ने वर्ष 2015 में भी अलकायदा के पैन इंडिया मॉड्यूल का खुलासा किया था और छह आतंकियों को गिरफ्तार किया था। 

स्पेशल सेल के पुलिस अधिकारियों के अनुसार यूपी एटीएस द्वारा गिरफ्तार आतंकी उमर अल मंडी का असली नाम सैयद अख्तर है। उसने अब अपना नाम बदल लिया है और अपना नाम उमर अल मंडी रख लिया है। ये आतंकी दिल्ली के केस में वांछित है। अली मंडी अलकायदा के आतंकी मोहम्मद शर्जील इस्मान का करीबी बताया जा रहा है। ये दोनों आपस में कई बार मिल चुके हैं।