‘हमारी विरासत ने भारत को स्वर्णिम काल दिया, इस पर गर्व करें’: लाल किले से PM मोदी
देश आजादी का 75वाँ वर्ष (75th Independance मना रहा है। आजादी के इस अमृत महोत्सव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने देश को एक नया नारा दिया, “जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान और जय अनुसंधान’। इस दौरान उन्होंने परिवारवाद, भ्रष्टाचार और लोकतंत्र की बात की।
![]() |
| लाल किले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी |
पीएम मोदी ने कहा कि भारतीयों को अपनी विरासत पर गर्व होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह वही विरासत है, जिसने कभी भारत का स्वर्णिम काल दिया था। इस विरासत के प्रति हमें गर्व होना चाहिए।
पीएम मोदी ने कहा कि जब तनाव की बात होती है तो लोगों को योग दिखता है। सामूहिक तनाव की बात होती है तो भारत की पारिवारिक व्यवस्था दिखती है। संयुक्त परिवार एक पूंजी है। उन्होंने कहा, “सदियों से हमारी माताओं के त्याग बलिदान के कारण परिवार नाम की जो व्यवस्था विकसित हुई। ये हमारी विरासत है, जिस पर हम गर्व करते हैं।”
पीएम ने गुलामी की मानसिकता पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि मन के किसी भी कोने में गुलामी का एक भी अंश अगर अभी भी है तो उसको किसी भी हालत में बचने नहीं देना है। हमें उससे मुक्ति पानी ही होगी।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत लोकतंत्र की जननी है। जिनके जेहन में लोकतंत्र होता है, वे जब संकल्प करके चल पड़ते हैं तो उसे अपने सामर्थ्य से पूरा करते हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया की बड़ी-बड़ी सल्तनतों के लिए भी संकट का काल लेकर आती है ये मदर ऑफ डेमोक्रेसी।
उन्होंने कहा कि भारत ने सिद्ध कर दिया है कि हमारे पास ये अनमोल सामर्थ्य है। 75 साल की यात्रा में आशाएं, अपेक्षाएं, उतार-चढ़ाव सब के बीच हर एक के प्रयास से हम यहाँ तक पहुंच पाए। उन्होंने कहा, “आजादी के बाद जन्मा मैं पहला व्यक्ति था जिसे लाल किले से देशवासियों का गौरव गान करने का अवसर मिला।”