नई दिल्ली, नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में देशभर में जारी हिंसक प्रदर्शनों के बीच खुफिया एजेंसियों ने गृह मंत्रालय के साथ एक खुफिया रिपोर्ट साझा की है. रिपोर्ट में कुछ राजनीतिक दलों के साथ ही प्रतिबंधित कट्टरपंथी और आतंकवादी इस्लामी संगठन सिमी और पीएफआइ पर इस चिंगारी को हवा देने का संदेह जाहिर किया गया है.

सूत्रों का कहना है कि पिछले हफ्ते मंत्रालय के साथ साझा की गई रिपोर्ट में कहा गया कि यह उन लोगों की करतूत है, जो सरकार के कदम के खिलाफ हैं. गृह मंत्रालय के सूत्रों ने कहा, ‘कुछ राजनीतिक दलों ने विभिन्न स्थानों पर हिंसा को भड़काया, जिससे चरमपंथी और उग्रवादी इस्लामी कट्टरपंथी संगठनों – पॉपुलर फ्रंट आफ इंडिया (पीएफआइ) और इस्लामिक स्टूडेंट मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के स्लीपर सेल को मौका मिला.’

उन्होंने कहा, ‘इनका उद्देश्य देश में कानून और व्यवस्था की स्थिति को बाधित करना है.’ चूंकि यह कानून इसी तरह के राष्ट्र-विरोधी तत्वों के खिलाफ जाएगा, इसलिए वह देश में शांति को बाधित करना चाहते हैं. सूत्रों ने बताया कि खुफिया रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि यह हिंसा दूसरे राज्यों तक फैल सकती है. खुफिया रिपोर्ट में कहा गया है कि पीएफआइ, जो खुद को न्याय, स्वतंत्रता और सुरक्षा सुनिश्चित करने व लोगों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध होने का दावा करता है, उसके पास राष्ट्रीय महिला मोर्चा और कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया सहित विभिन्न विंग हैं, जो स्थिति का लाभ उठा सकते हैं.

रिपोर्ट में कहा गया है कि इसी तरह से सिमी, जो देश में कई आतंकवादी गतिविधियों में शामिल रहा है, कुछ राजनीतिक दलों के समर्थन से अपने स्लीपर सेल को पुनर्जीवित करने की कोशिश कर रहा है. विध्वंसक गतिविधियों में लिप्त पाए जाने पर सिमी को सरकार ने फरवरी में पांच साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया है.

खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, अगर सिमी और पीएफआइ की गैरकानूनी गतिविधियों पर अंकुश नहीं लगाया गया और इसे तुरंत नियंत्रित नहीं किया गया तो यह अपनी विध्वंसक गतिविधियों को जारी रखेंगे. यह संगठन देश विरोधी प्रचार करके राष्ट्र के पंथनिरपेक्ष ताने-बाने को तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं. यह जानकारी मिलने के बाद गृह मंत्रालय ने सोमवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एडवाइजरी जारी कर दी है.

सूत्रों ने कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को फर्जी व अफवाह से भरे समाचारों के प्रसार पर रोक लगाने के साथ ही हिंसा को रोकने के लिए सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही तमाम अफवाहों पर कार्रवाई करने को कहा गया है.