उत्तराखंड में बाढ़ और भूस्खलन से 25 लोगों की मौत, मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान
उत्तरखंड में भारी बारिश के कारण आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण मरने वालों की संख्या 25 हो गई है। इनमें अधिकतर मरने वाले नैनीताल जिले के हैं। इस जिले का उत्तराखंड के अन्य जिलों से संपर्क टूट गया है। वहीं, रामगढ़- रानीखेत मार्ग पर लेमन ट्री रिजार्ट्स पर फंसे करीब 200 लोगों को निकाल लिया गया है। उत्तरखंड के डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि कुमाऊं क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है।
| उत्तराखंड बाढ़ (फोटो साभार: आजतक) |
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हालात का जायजा लेने के लिए हवाई सर्वेक्षण किया। इसके बाद उन्होंने मृतकों के परिजनों को 4-4 रुपये आर्थिक सहायता की घोषणा की। धामी ने कहा, “सभी लोगों से अनुरोध है कि इस स्थिति में धैर्य बनाकर रखें। हम हरसंभव मदद करने के लिए तैयार हैं।” मुख्यमंत्री धामी के साथ राज्य के मंत्री धन सिंह रावत और राज्य के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार भी थे।
About 200 people who were stuck at Lemon Tree resort located at Ramnagar-Ranikhet route have been evacuated
So far 24-25 dead due to incessant rains, maximum casualties from Nainital district: DGP Ashok Kumar
(file photo) pic.twitter.com/P5m2FeCOoM
— ANI (@ANI) October 19, 2021
खबर है कि उत्तराखंड के हल्द्वानी में गौला नदी के पास काठगोदाम और दिल्ली को जोड़ने वाली रेलवे लाइन का एक हिस्सा भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गया है। भारी बारिश के कारण जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए उत्तराखंड के उधमसिंह नगर में नानक सागर बांध के सभी गेट खोल दिए गए हैं।
#WATCH | A portion of the railway line connecting Kathgodam and Delhi near Gaula river in Uttarakhand’s Haldwani was damaged earlier today amid heavy rainfall in the region. pic.twitter.com/onYhSwhdlK
— ANI (@ANI) October 19, 2021
पौड़ी और चंपावत में भारी बारिश के कारण 5 मौतें हो गईं, जबकि अल्मोड़ा, नैनीताल और उधमसिंह नगर में 11 लोगों की जान चली गई। नैनीताल जिले के मुक्तेश्वर में डिग्री कॉलेज के पास दीवार गिरने से मलबे के नीचे से दबे 5 मजदूरों के शव बरामद हुए हैं।