उत्‍तरखंड में भारी बारिश के कारण आई बाढ़ और भूस्‍खलन के कारण मरने वालों की संख्या 25 हो गई है। इनमें अधिकतर मरने वाले नैनीताल जिले के हैं। इस जिले का उत्तराखंड के अन्य जिलों से संपर्क टूट गया है। वहीं, रामगढ़- रानीखेत मार्ग पर लेमन ट्री रिजार्ट्स पर फंसे करीब 200 लोगों को निकाल लिया गया है। उत्‍तरखंड के डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि कुमाऊं क्षेत्र सबसे ज्‍यादा प्रभावित हुआ है।

उत्तराखंड बाढ़ (फोटो साभार: आजतक)

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हालात का जायजा लेने के लिए हवाई सर्वेक्षण किया। इसके बाद उन्होंने मृतकों के परिजनों को 4-4 रुपये आर्थिक सहायता की घोषणा की। धामी ने कहा, “सभी लोगों से अनुरोध है कि इस स्थिति में धैर्य बनाकर रखें। हम हरसंभव मदद करने के लिए तैयार हैं।” मुख्यमंत्री धामी के साथ राज्य के मंत्री धन सिंह रावत और राज्य के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार भी थे।

खबर है कि उत्तराखंड के हल्द्वानी में गौला नदी के पास काठगोदाम और दिल्ली को जोड़ने वाली रेलवे लाइन का एक हिस्सा भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गया है। भारी बारिश के कारण जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए उत्तराखंड के उधमसिंह नगर में नानक सागर बांध के सभी गेट खोल दिए गए हैं।

पौड़ी और चंपावत में भारी बारिश के कारण 5 मौतें हो गईं, जबकि अल्मोड़ा, नैनीताल और उधमसिंह नगर में 11 लोगों की जान चली गई। नैनीताल जिले के मुक्तेश्वर में डिग्री कॉलेज के पास दीवार गिरने से मलबे के नीचे से दबे 5 मजदूरों के शव बरामद हुए हैं।