एक तरफ भाजपा (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) भारत को ‘हिंदू राष्ट्र’ (Hindu Rashtra) बनाने की बात करती है और दूसरी तरफ दुर्गा माता को छू लेने भर से कुछ जातिवादियों द्वारा एक दलित की हत्या कर दी जाती है। मामला उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ का है। 
 
माँ दुर्गा का पंडाल (फोटो साभार: भास्कर)
 
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के पहले शासनकाल में प्रशासन चुस्त था और इस तरह की घटनाएँ कम होती थीं, लेकिन दूसरे शासनकाल में उन पर दबाव की राजनीति ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को सीधे तौर पर प्रभावित किया है।

 

प्रतापगढ़ के एक दुर्गा पंडाल में एक दलित की इसलिए पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, क्योंकि उसने माँ दुर्गा के पैरों को छू लिया था। घटना के बाद परिजनों ने शव का संस्कार करने से मना कर दिया। हालाँकि, प्रशासन के बहुत समझाने के 27 घंटे बाद परिजन इसके लिए राजी हुए।
दूसरी तरफ FIR में घटना की वजह बाइक न देना बताया गया है। उधर परिजनों का कहना है कि पुलिस ने दबाव डालकर उनसे बाइक वाली बात जोड़ी है। बाइक की कोई बात है ही नहीं। परिजनों ने पुलिस पर आरोपितों को बचाने का भी आरोप लगाया।
इसका एक CCTV फुटेज सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति को पंडाल में पीटा जा रहा है। आरोप है कि मूर्ति छू लेने पर ब्राह्मण जाति के कुछ युवकों ने शख्स को पिटना शुरू कर दिया और इतना मारा कि बाद में उसकी मौत हो गई।
मामला 30 सितंबर की है। प्रतापगढ़ के पट्‌टी थाना क्षेत्र में दलित बस्ती उड़ैयाडीह में दुर्गा पंडाल सजा हुआ है। जजनीपुर गांव के जगरूप गौतम 30 सितंबर को पंडाल में माता दुर्गा का दर्शन करने के लिए गए थे। मृतक के दामाद शिव प्रसाद ने बताया कि मूर्ति छूने के बाद वहाँ हंगामा हो गया कि एक दलित ने माता का पैर कैसे छू लिया।
इसी दौरान वहाँ मौजूद कुलदीप मिश्रा, संदीप मिश्रा और मुन्ना ने उनको हाथों से, लातों से और डंडे से खूब पीटा। इसके बाद अधमरी हालत में उन्हें घर पर छोड़ गए। जिस समय पर गजरूप को उनके घर पर छोड़ा गया था, उस समय घर में कोई नहीं था।
शिव प्रसाद ने बताया कि अगले दिन यानी 1 अक्टूबर को जब वो आए तो अपने ससुर की हालत बेहद खराब देखी। इसके बाद डॉक्टर को दवा ली, लेकिन उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद अगले दिन जगरूप की मौत हो गई।
मौत के बाद परिजनों ने आरोपितों के खिलाफ थाने में तहरीर दी। इसमें कहा गया कि जगरूप को देवी मां की मूर्ति छूने के कारण पीटकर मारा गया। बाद में उनकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि पुलिस ने अपनी FIR के अनुसार जबरदस्ती शिकायती पत्र लिखवाया।

 

 

ASP मिश्रा का कहना है कि एक आरोपित कुलदीप मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, अन्य आरोपित फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई है।
हालाँकि, बाइक नहीं देने पर पिटाई की बात लोगों के गले नहीं उतर रही है और पुलिस की मंशा पर सोग सवाल खड़े कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए जा रहे हैं।