कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद की लिखी नई किताब पर विवाद हो गया है। वहीं, कांग्रेस के नेता भी अब उनके विरोध में उतर आए हैं। दरअसल, अपनी किताब ‘सनराइज ओवर अयोध्या: नेशनहुड इन ऑवर टाइम्स’ में खुर्शीद ने हिंदुत्व की तुलना आतंकी संगठन बोको हरम और इस्लामिक स्टेट से की है। 

Congress Leader Salman Khurshid Remarks On Congress Cm Candidate For UP Asembly Election ANN | UP Election: Who Will Be The CM Face Of Congress In UP? Salman Khurshid Explains.
फोटो साभार: एबीपी

विवाद बढ़ने पर खुर्शीद ने एक चैनल को सफाई देते हुए कहा, “हिंदू धर्म बहुत उच्च स्तर का धर्म है। इसके लिए गाँधी जी ने प्रेरणा दी। कोई हिन्दू धर्म का अपमान करे तो भी मैं बोलूँगा। मैंने ये कहा कि हिंदुत्व की राजनीति करने वाले गलत हैं और आईएसआईएस भी गलत है।”

वहीं, खुर्शीद की पुस्तक पर कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि हिंदुत्व की तुलना इस्लामिक स्टेट और जेहादी इस्लाम से करना गलत है। उन्होंने कहा, “हम भले ही हिंदुत्व को हिंदू धर्म की मिली-जुली संस्कृति से अलग एक राजनीतिक विचारधारा मानकर इससे असहमति जताएँ, लेकिन हिंदुत्व की तुलना आईएसआईएस और जेहादी इस्लाम से करना तथ्यात्मक रूप से गलत है।”

बीजेपी ने भी इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। यूपी समेत 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव से पहले आई खुर्शीद की इस किताब पर उठा विवाद और ज्यादा तूल पकड़ सकता है। खुर्शीद ने इस बुक को अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले का रिफरेंस बुक बताया है।

‘द सैफ्रन स्काई’ नाम के चैप्टर में खुर्शीद लिखते हैं, “साधु-संत जिस सनातन धर्म और क्लासिकल हिंदुइज्म को जानते हैं, उसे किनारे करके हिंदुत्व के ऐसे वर्जन को आगे बढ़ाया जा रहा है जो हर पैमाने पर आईएसआईएस और बोको हराम जैसे जिहादी इस्लामी संगठनों के राजनीतिक रूप जैसा है।” उन्होंने दावा किया है कि हिंदुत्व का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए किया जाता है।

उन्होंने लिखा है कि अब हिंदू राष्ट्र की बात करना बहुत आम है और हिंदू राष्ट्र के कॉन्सेप्ट को कुछ हलकों से चौंकाने वाला समर्थन भी मिल रहा है। इसके लिए उन्होंने नेशनल एकेडमी ऑफ लीगल स्टडीज ऐंड रिसर्च, हैदराबाद (NALSAR) के प्रमुख और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के पूर्व रजिस्ट्रार प्रोफेसर फैजान मुस्तफा का उदाहरण दिया है। खुर्शीद ने दावा किया है कि प्रोफेसर मुस्तफा ने हाल के दिनों में एक तरह से यह कहने की कोशिश की है कि अगर हम हिंदू राष्ट्र बन गए तो हमारी तमाम मौजूदा राजनीतिक दुश्वारियां खत्म हो सकती हैं।