आसिफ ने अब्बू-अम्मी और बहन-दादी को डूबाकर मारा: मकान में दफनाने के 4 महीने बाद खुला राज
पश्चिम बंगाल के मालदा से एक घटना सामने आई है, जिसे सुनकर लोगों के रोंगटे खड़े हो जाएंगे। घटना कुछ ऐसी है कि इसके बारे में पढ़कर लोगों को अपने खून पर भी भरोसा उठ जाएगा।
दरअसल, मालदा जिले के कालियाचक के गुरुटोला गाँव में आसिफ मोहम्मद नाम के एक 19 वर्षीय लड़के ने अपने अब्बा, अम्मी, दादी और बहन को मौत के घाट उतार दिया और शव को घर में ही दफन कर दिया। हालाँकि, इस हमले में आरोपी का बड़ा भाई आरिफ भागने में कामयाब हो गया, जिसकी वजह से ये सारा मामला चार महीने बाद सामने आया।
पुलिस का मानना है कि यह कोई सामान्य अपराध नहीं, बल्कि इसके संबंध आतंकवाद भी से जुड़े हो सकते हैं। इसके पीछे पुलिस का तर्क है कि मामले की छानबीन के दौरान आरोपी आसिफ के दो दोस्तों – साबिर अली और महफूज शेख के पास से 5 पिस्तौल, 80 कारतूस, 10 मैग्जीन बरामद की गई हैं। पुलिस का कहना है कि ये हथियार आसिफ ने ही इन्हें एक हफ्ते पहले दिए हैं।
![]() |
| आसिफ को थाने ले जाती पुलिस (फोटो साभार: टीओआई) |
आरिफ की शिकायत पर पुलिस ने आसिफ को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को यह भी आशंका है कि इस वारदात के पीछे संपत्ति से जुड़ा विवाद हो सकता है या इसके तार आतंकवाद से भी जुड़े हो सकते हैं।
मालदा ग्रामीण के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनीश सरकार के अनुसार, “हत्याकांड में केवल आसिफ का हाथ था। उसके दोस्तों के पास से बरामद हथियारों से इनका कोई संबंध नहीं मिला है, लेकिन पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आसिफ ने ये हथियार कहाँ से इकट्ठा किए थे।”
आसिफ की पृष्ठभूमि भी आपराधिक रही है। साइबर ठगी से लेकर तमाम तरह के अपराध में वह लिप्त था। इसके पहले वह खुद का अपहरण का षड्यंत्र रचकर अब्बा से 2 लाख की फिरौती ले ली थी। पुलिस ने घटना वाले घर से कई ई-उपकरण जब्त किए हैं।
आरिफ की शिकायत के बाद पुलिस ने मकान के कमरे के भीतर खुदाई करके चारों शवों को निकाल लिया है। मृतकों में आसिफ के अब्बा जावेद अली (50), अम्मी इरा बीबी (45), बहन आरिफा खातून (17) और दादी अलेकजान बीबी (75) हैं।
इस घटना को आसिफ ने 28 फरवरी को अंजाम दिया था। उस दिन आसिफ ने कोल्ड ड्रिंक में नींद की गोलियाँ मिलाकर इन लोगों को दे दीं, जिसे पीने के बाद सभी बेहोशी की हालत में पहुँच गए।
इसके बाद वह सबको घर के तहखाने में ले गया। बेहोशी का नशा छाने के कारण आसिफ आसानी से उनके मुँह पर टेप चिपका दिया और हाथ-पैर बाँध दिया। उसके बाद पानी में डूबाकर सबको मार डाला।
आरिफ का कहना है कि घटना वाले दिन वह किसी तरह आरिफ के चंगुल से भाग निकला था और 4 महीने ठिकाने बदल बदल कर रहा था। उसने बताया कि आसिफ उसकी हत्या भी करना चाहता था लेकिन वह चंगुल से भाग निकला।
आरिफ का कहना है कि आसिफ की धमकी के कारण इस घटना के बारे में उसने किसी को नहीं बताया था, लेकिन हिम्मत जुटाकर वह पुलिस के पास पहुँचा है।