धर्मांतरण रैकेट: कश्मीर में दो सिख लड़कियों से लव जिहाद, एक लड़की को कोर्ट ने शौहर के साथ भेजा
पाकिस्तान में हिंदू लड़कियों के जबरन धर्मांतरण और निकाह के तर्ज पर कश्मीर में दो सिख लड़कियों के धर्म परिवर्तन और निकाह मामला सामने आया है। सिख समुदाय का आरोप है कि कश्मीर में आए दिन धर्म कभी अपहरण, कभी दबाव बनाकर तो कभी बहला-फुसलाकर लड़कियों का धर्म परिवर्तन करवाया जा रहा है। हालांकि, लड़कियों का पक्ष अब तक सामने नहीं आया है और इस बीच हाई कोर्ट ने उनमें से एक लड़की को अपने पति के साथ भेज सुरक्षा मुहैया करवाई है।
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| लव जेहाद प्रतीकात्मक तस्वीर |
अकाली दल के नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने कश्मीर में अदालत से लेकर प्रशासन तक, सभी को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि अदालत भी मुसलमानों का ही पक्ष ले रही है। उन्होंने बताया कि कोर्ट को घेर के रखा तो रात साढ़े 10 बजे पुलिस ने मजबूरन बच्ची को वापस कर दिया। उन्होंने कहा, ‘यह कोई नया मामला नहीं है, यह हर दिन हो रहा है। स्थानीय सिख कह रहे हैं कि उनके साथ इतनी ज्यादती हो रही है कि घर छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। केंद्र सरकार से आग्रह है कि अंतरधार्मिक विवाह के कानून को लागू किया जाए ताकि इस तरह की घटना पर रोक लग सके। ऐसी घटनाओं को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।’
उधर, संतपाल सिंह ने प्रशासन पर धोखेबाजी का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि मामले में एसपी ने लिखित में आश्वासन दिया था कि लड़की को खोज कर परिवार को दिया जाएगा, लेकिन कोर्ट का आदेश भी उनके खिलाफ आ गया। उन्होंने बताया कि जज ने मुस्लिम पक्ष के हक में फैसला दिया और लड़की को उसे ही सौंप दिया, जो एक तरह का अन्याय है। कोर्ट ने युवती को सुरक्षा मुहैया कराने का आदेश दिया है।
कहा जा रहा है कि सिख लड़की ने दबाव में नहीं बल्कि मर्जी से धर्म परिवर्तन करके निकाह किया है। इस पर, सिख समुदाय का कहना है कि कोर्ट लड़की को एक सप्ताह के लिए परिवार को सौंप दे। अगर एक सप्ताह बाद भी लड़की परिवार के साथ नहीं रहकर कथित शौहर के पास जाना चाहेगी तो उसे कोई नहीं रोकेगा। सिखों ने आरोप लगाया कि कोर्ट ने कोरोना प्रॉटोकॉल के बहाने लड़की के परिवार वालों को तो अंदर जाने से रोक दिया, लेकिन मुस्लिम परिवार अंदर चले गए। सिख समुदाय का आरोप है कि कोर्ट भी निष्पक्षता का सबूत नहीं दे रहा है।
दो बच्चियों को गन पॉइंट पर अगवा किया गया। उनका निकाह पढ़ा गया। 50-50 साल के आदमी के साथ पढ़ा गया। उसके बाद कोर्ट के अंदर बच्चियों के मां-बाप तक को जाने नहीं दिया गया। हमारे नौजवानों ने जब इकट्ठे होकर प्रदर्शन किया, तब रात को साढ़े 10 बजे एक बेटी कोर्ट में से निकालकर हमारे हवाले की गई। दूसरी बेटी को अभी भी हमारे हवाले नहीं किया गया। यह जबरन निकाह किया गया है। यह लव जिहाद है। सीएए प्रोटेस्ट के दौरान कश्मीर की बेटियां जगह-जगह फंसी हुई थीं, हमने टिकटें देकर उनको सुरक्षित घरों तक पहुंचाया। पर आज यह मौलाना और मुफ्ती क्यों चुप हैं? उनको यह निकाह पढ़ते हुए शर्म नहीं आई। जिनके 10-10 बच्चे हैं उनके साथ शादी करवाई गई। हम केंद्र की सरकार से आग्रह करते हैं कि तुरंत इस मामले में कार्रवाई की जाए।
– मनजिंदर सिंह सिरसा, अकाली नेता
कश्मीर पहुँचे सिरसा के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर विरोध-प्रदर्शन किया और मार्च निकाला। इस मौके पर सिरसा ने आक्रोश भरे लहजे में स्थानीय मुल्ले-मौलवियों को चेतावनी दी कि वो अपने समुदाय के लोगों को सिखों से नजर हटाने को कहें क्योंकि इस तरह की घटनाएं बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। उन्होंने साफ कहा है कि यह सीधा-सीधा लव-जिहाद का मामला है। उनकी अगुवाई में हुए प्रदर्शन के दौरान लव-जिहाद के खिलाफ नारे लगाए गए। उधर, बड़गाम एसजीपीसी के अध्यक्ष संतपाल सिंह ने भी कहा कि कोई प्रेम-प्यार का मामला नहीं है, यह स्पष्ट तौर पर लव-जिहाद है। वहीं, सिख समूह देश की राजधानी दिल्ली में भी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
स्थानीय समुदाय का कहना है कि मुस्लिम समुदाय इस तरह की घटनाओं को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने हमारे सहयोगी न्यूज चैनल टाइम्स नाउ से बातचीत में कहा कि कश्मीर में पाकिस्तान जैसी घटनाएं हो रही हैं। नारेबाजी कर रहे एक व्यक्ति ने कहा कि पाकिस्तान में मुसलमान जिस तरह से हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों का धर्म परिवर्तन करवा रहे हैं, वही पैटर्न कश्मीर में भी चल पड़ा है। उन्होंने आर्टिकल 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर की मुख्य धारा के राजनीतिक दलों के गुपकर गठबंधन के नेताओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अभी अगर जम्मू में किसी मुसलमान लड़की का धर्म परिवर्तन करवा दिया जाता तो ‘गुपकर गैंग’ तुरंत छाती पीटने लगता, लेकिन अभी गैंग का एक भी नेता मुंह नहीं खोल रहा है।
सिरसा ने कश्मीर में धर्म परिवर्तन के मामले पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी बात की। उन्होंने ट्वीट कर बताया कि श्रीनगर में सिख लड़कियों जबरन धर्म परिवर्तन और निकाह के मामले पर गृह मंत्र अमित शाह से बात की। उन्होंने आश्वस्त किया कि उनकी हालात पर करीबी नजर है। उन्होंने उपराज्यपाल (मनोज सिन्हा) से इस मामले में डीटेल रिपोर्ट ली है। सिरसा ने बताया, ‘अमित शाह ने अल्पसंख्य सिख लड़कियों की घाटी में सुरक्षा का आश्वासन दिया है और कहा कि लड़कियां जल्द ही अपने परिवारों के पास लौट जाएंगी। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के सिख प्रतिनिधिमंडल से जल्द ही मिलने का वक्त दिया है ताकि जमीनी हकीकत से वाकिफ होकर अल्पसंख्यकों की चिंताओं को दूर किया जा सके।’
इसे पहले, सिरसा के नेतृत्व में सिखों का एक प्रतिनिधिमंडल उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात की और उनसे मामले में हस्तक्षेप की मांग की। सिरसा ने दावा किया कि बैठक के दौरान एलजी ने आश्वासन दिया है कि जिस लड़की का जबरन धर्म परिवर्तन किया गया है उसको जल्द ही परिवार के पास पहुंचाया जाएगा। राज्य में माइनॉरिटी कमिशन गठित करने का भी फैसला लिया गया है।
सिख समुदाय उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में लागू अंतरधार्मिक विवाह कानून को देशभर में लागू करने की मांग कर रहा है। अकाली नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि धर्म परिवर्तन करवाने की प्रवृत्ति बढ़ रही है और ऐसा ही होता रहा तो सांप्रदायिक तनाव बढ़ेंगे और पूरे देश में इसका गलत संदेश जाएगा। उन्होंने कहा कि विभिन्न संप्रदायों के बीच भाईचारा कायम रखने के लिए जरूरी है कि यूपी, एमपी के कानूनों को पूरे देश में लागू किया जाए। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि धर्मांतरण कानून को यूपी और मध्य प्रदेश की तरह जम्मू-कश्मीर में भी लागू किया जाए। अंतरधार्मिक विवाह के लिए माता-पिता की सहमति लेने का प्रावधान यहां भी होना चाहिए।
अकाली दल के नेता मनजिंदर सिरसा ने सिख युवती के धर्म परिवर्तन को लव-जिहाद बताया तो सोशल मीडिया पर उन्हें उनका पुराना याद दिलाया जाने लगा। उनके पुराने और ताजा बयान को साथ परोसकर सवाल पूछा जा रहा है कि लव-जिहाद पर तुरंत विचार कैसे बदल गया? लेखिका और वक्ता शेफाली वैद्य ने वीडियो ट्वीट कर कहा कि जब खुद पर बीतती है तो लोगों के सुर बदल ही जाते हैं।
जैसा कि वीडियो में आप सुन सकते हैं कि सिरसा ने लव-जिहाद के मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया में कभी कहा था कि अगर कोई धर्म को अपने बचाव में पुलिस का सहारा लेना पड़े तो कहीं-न-कहीं उस धर्म के अंदर कमजोरी है। आज उनके इसी बयान को ताजा बयान से जोड़कर सवाल खड़ा किया जा रहा है।