उत्तर प्रदेश और असम में जनसंख्या नियंत्रण संबंधी कदम उठाए जाने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने कहा कि इसके पीछे भाजपा की राजनीतिक मंशा है और इसका मकसद ‘समुदाय विशेष’ को निशाना बनाना है। गौरतलब है कि देश में जनसंख्या विस्फोट को लेकर जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने की मांग देश भर में लंबे समय से उठ रही है। 

थरूर ने कहा कि जनसंख्या को लेकर बहस पूरी तरह बेकार है। उन्होंने कहा कि अधिकांश भारतीय राज्यों ने प्रजनन की प्रतिस्थापन दर को हासिल कर लिया है। थरूर ने कहा कि अगले 20 वर्षों में भारत के पास बुजुर्ग आबादी को संभालने की जिम्मेदारी होगी।

थरूर ने आरोप लगाया कि भाजपा एक ‘समुदाय विशेष’ को निशाना बनाने के लिये इस मुद्दे को उठा रही है। थरूर के मुताबिक, “यह कोई इत्तेफाक नहीं है कि उत्तर प्रदेश, असम और लक्षद्वीप में आबादी कम करने की बात हो रही है, जहां हर कोई जानता है कि उनका इरादा किस ओर है।” 

कांग्रेस नेता और सांसद शशि थरूर

उत्तर प्रदेश और असम में जनसंख्या नियंत्रण को लेकर थरूर ने कहा कि देश की राजनीतिक व्यवस्था में हिंदुत्व से जुड़े तत्वों ने आबादी के मुद्दे पर अध्ययन नहीं किया है। उनका मकसद विशुद्ध रूप से राजनीतिक और सांप्रदायिक है।  

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनसंख्या नियंत्रण विधेयक का एक मसौदा सामने रखा है। इसमें प्रावधान किया गया है कि दो से अधिक बच्चे वाले लोगों को सरकारी योजनाओं के लाभ नहीं दिया जाएगा।   

चर्चा है कि सत्ताधारी भाजपा के कुछ सांसद संसद के मानसून सत्र में जनसंख्या नियंत्रण को लेकर गैर सरकारी विधेयक पेश करने की तैयारी में हैं। थरूर ने कहा कि सरकार के पास कोई मुद्दा ही नहीं है, इसलिए ऐसे मुद्दों पर जोर दे रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास जनहित में उठाने के लिए कई मुद्दे हैं।  

थरूर ने पेट्रोल-डीजल और अन्य खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी का उल्लेख किया और कहा कि बेरोजगारी और राफेल मामले की फ्रांस में जांच तथा भारत-चीन सीमा पर स्थिति और अफगानिस्तान में हालात जैसे मुद्दे भी हैं। उन्होंने कहा कि संसद चर्चा के लिए है और अगर चर्चा की अनुमति दी जाती है तो व्यवधान पैदा करना अनावश्यक होगा।