मुंबई, बॉलीवुड अभिनेता दिलीप कुमार उर्फ यूसुफ खान (96) के बंगले से जुड़े विवाद में मूलराज खटाऊ ट्रस्ट ने सूचना जारी कर बताया है कि दिलीप कुमार को जमीन का पट्टा 999 साल के लिए दिया गया है। पट्टेदारी के कागजात पर साल 1953 में दस्तखत किए गए थे। इस लिहाज से पट्टा सन 2952 तक के लिए जायज है। ट्रस्ट ने साफ किया है कि दिलीप कुमार जमीन के पट्टेदार हैं, न कि किरायेदार। सूचना खटाऊ ट्रस्ट के सदस्य रहे स्वर्गीय सुनील सी खटाऊ की पत्नी पन्ना एस खटाऊ की ओर से जारी की गई है। वह सुनील सी खटाऊ की कानूनी उत्तराधिकारी हैं।

सार्वजनिक सूचना में भोजवानी और अन्य पर खटाऊ ट्रस्ट की कई जायदादों के फर्जी दस्तावेज बनवाने का आरोप लगाया गया है। ट्रस्ट ने इस सिलसिले में एफआइआर भी दर्ज कराई गई है। इस कारण भोजवानी को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन इस समय वह सशर्त जमानत पर हैं। वहीं, जमानत खारिज कराने के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दी गई है। हाई कोर्ट याचिका पर सोमवार को सुनवाई कर सकता है। 

दिलीप कुमार और सायरा बानो ने शुक्रवार को बिल्डर भोजवानी के खिलाफ 200 करोड़ रुपये का मानहानि का दावा दायर किया है। बंगले की जिस जमीन पर विवाद पैदा हुआ है उसका वर्तमान बाजार मूल्य लगभग 250 करोड़ रुपये है।

मुंबई में बिल्डर समीर भोजवानी ने दिलीप कुमार की बांद्रा स्थित बंगले की जमीन पर दावा किया है। दोनों के बीच कानूनी लड़ाई शुरू हो गई है। दिलीप कुमार की बेगम सायरा बानो ने इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग की थी।