मंदिर में तोड़फोड़, भगवान गणेश की मूर्ति खंडित: पाकिस्तान में हिंदुओं पर फिर कहर बनकर टूटा इस्लामिक कट्टरवाद
पाकिस्तान में हिंदुओं की हालत दिन प्रति दिन बदतर होती जा रही है। भारत के अल्पसंख्यकों की स्थिति का झूठा राग अलापने वाले प्रधानमंत्री इमरान खान अपने यहाँ के अल्पसंख्यकों को सुरक्षा देने में अब तक नाकाम साबित हुए हैं। परिणाम यह होता है कि इस्लामिक कट्टरपंथ के साये में जीने वाली पाकिस्तान की सरकार की ढुलमुल रवैये के कारण वहाँ के हिंदुओं और उनके मंदिरों को निशाना बनना पड़ता है। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सादिकाबाद जिले के भोंग शहर में एक हिंदू मंदिर को निशाना बनाने का ताजा मामला सामने आया है।इस्लामिक उन्मादियों ने न सिर्फ मूर्तियों को तोड़ा, बल्कि मंदिर को आग के हवाले कर दिया और इसका फेसबुक लाइव भी प्रसारित किया। इसका वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना के बाद इलाके में तनाव व्याप्त हो गया है।

कट्टरपंथियों ने मंदिर को बुरी तरह तहस-नहस करने के बाद मूर्तियों को खंडित कर दिया। उसके बाद मंदिर में लगे झूमर और कांच की सजावट को भी तोड़ डाला। मंदिर पर हुए इस हमले के बाद स्थानीय हिंदुओं में रोष है। इस रोष के बावजूद, पाकिस्तान का स्थानीय प्रशासन हर बार की तरह इस मामले की भी लीपा-पोती करने में जुटा है। इस मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है, जबकि वीडियो में सभी हमलावरों के चेहरे साफ-साफ नजर आ रहे हैं।
मामले का संज्ञान लेते हुए भारत सरकार ने पाकिस्तान के राजदूत को तलब कर अपना विरोध प्रकट किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि भारत ने पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदायों की धार्मिक स्वतंत्रता पर लगातार हमलों को लेकर अपनी गंभीर चिंताओं से भी पाकिस्तानी राजनयिक को अवगत कराया।
बागची ने कहा, “यहां पाकिस्तानी उच्चायोग के प्रभारी को आज दोपहर तलब किया गया और पाकिस्तान में हुई इस निंदनीय घटना को लेकर और अल्पसंख्यक समुदायों की धार्मिक स्वतंत्रता व उनके धार्मिक स्थलों पर लगातार हो रहे हमलों पर अपनी गंभीर चिंता प्रकट करते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया।”
भारत के विरोध के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने मंदिर में तोड़-फोड़ की घटना की निंदा की। इमरान खान ने ट्वीट कर कहा, ”रहीम यार खान के भोंग में गणेश मंदिर पर हुए हमले की हम कड़ी निंदा करते हैं। मैंने पहले ही आईजी पंजाब को सभी दोषियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने और पुलिस की किसी भी लापरवाही के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा है। सरकार मंदिर का जीर्णोद्धार कराएगी।”
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इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ के नेता और हिंदू पंचायत के संरक्षक जय कुमार धीरानी ने इस हमले की निंदा की है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा है, “जिले के भोंग शरीफ में मंदिर पर हुए इस नृशंस हमले की कड़ी निंदा करता हूँ। यह हमला पाकिस्तान के खिलाफ साजिश है। मैं अधिकारियों से दोषियों को सलाखों के पीछे डालने का अनुरोध करता हूँ।”
वहीं, हिंदू परिषद के संरक्षक और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के सांसद डॉ. रमेश कुमार वांकवानी ने भी ट्वीट कर इस घटना की आलोचना की है। उन्होंने सरकार से माँग की है कि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।
पाकिस्तान की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हिंदू मंदिर पर हमले के मामले में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुलजार अहमद ने स्वत: संज्ञान लिया है। एक बयान में कहा गया है कि शीर्ष न्यायाधीश ने घटना का संज्ञान तब लिया जब पाकिस्तान में हिंदू परिषद के संरक्षक एमएनए डॉ. रमेश कुमार वांकवानी ने गुरुवार को इसंबंध में इस्लामाबाद में उनसे चर्चा की।
सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्य न्यायाधीश ने घटना को दुखद बताते हुए गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने इस्लामाबाद में छह अगस्त को इस मामले की सुनवाई के लिए लाने के लिए कहा है। पंजाब के मुख्य सचिव और पुलिस महानिरीक्षक को भी मामले की रिपोर्ट के साथ सुनवाई में मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं। बयान में कहा गया है कि डॉ. वांकवानी को भी इस दौरान मौजूद रहने के लिए कहा गया है।
इस घटना को लीपा-पोती करने में जुटी एजेंसियों ने इसके पीछे एक नई कहानी गढ़ी है। इस घटना को लेकर एक पाकिस्तानी अधिकारी सरफराज ने बताया कि पिछले हफ्ते आठ वर्षीय हिंदू बालक ने इलाके के मदरसे के पुस्तकालय में कथित तौर पर पेशाब कर दिया था, जिसके बाद भोंग में तनाव व्याप्त हो गया। इस इलाके में हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग दशकों से शांतिपूर्ण तरीके से रहते आए हैं। सांसद डॉ. रमेश कुमार वांकवानी ने बुधवार को मंदिर पर हमले के वीडियो ट्विटर पर साझा किया और कानून प्रवर्तन एजेंसियों से अनुरोध किया कि वे ‘आगजनी और तोड़-फोड़’ को रोकने के लिए जल्द से जल्द घटनास्थल पर पहुंचे।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुस्तकालय को कथित तौर पर अपवित्र करने वाले आठ वर्षीय बालक के खिलाफ ईशनिंदा का मामला दर्ज कर पिछले हफ्ते उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। वह नाबालिग है इसलिए उसे बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया। उन्होंने बताया कि बुधवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डालकर भोंग के लोगों को इस घटना का बदला लेने के लिए उकसाया गया, जिसके बाद मंदिर के बाहर भीड़ जमा होनी शुरू हो गई और बाद में उसने उस पर हमला कर दिया। सरफराज ने कहा, “हम मंदिर पर हमला करने के लिए लोगों को उकसाने वाले उपद्रवियों को गिरफ्तार करेंगे।”
पाकिस्तान में हिंदुओं और हिंदू प्रतीकों के प्रति नफरत हमेशा से रहा है और उन पर लगातार हमले होते रहे हैं, लेकिन हाल के दिनों में कट्टरपंथियों के हमले और अधिक बढ़ गए हैं। कोरोना महामारी और लॉकडाउन के दौरान हिंदू लड़कियों के अपहरण और हिंदू मंदिरों पर हमले की वारदातें आम हो गई हैं। लड़कियों को अगवा कर कट्टरपंथी दोगुने से भी ज्यादा उम्र के मुसलमानों से जबरन उनका निकाह करवा देते हैं। जुबान खोलने पर उन्हें और उनके परिजनों को जान से मारने की धमकियाँ दी जाती हैं। इसके कारण पीड़ित महिला चाहकर भी अपनी जुबान नहीं खोल पाती, फिर भी इन अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाने वालों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है।
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ऑल पाकिस्तान हिंदू राइट्स मूवमेंट के एक सर्वे के मुताबिक, बँटवारे के वक्त पड़ोसी मुल्क में कुल 428 बड़े मंदिर थे। धीरे-धीरे इन मंदिरों की जमीनों पर कब्जा कर लिया गया और उनमें दुकानें, रेस्टोरेंट, होटल्स, दफ्तर, सरकारी स्कूल या फिर मदरसे खोलकर उनके नामो-निशान मिटा दिए गये।आज यहाँ सिर्फ 20 बड़े मंदिर बचे हैं।
बँटवारे के वक्त पाकिस्तान में हिंदुओं की आबादी लगभग 15 फीसदी थी, लेकिन हुकूमत और चरमपंथियों की कट्टर और विद्वेषपूर्ण नीतियों के कारण यह आँकड़ा लगातार कम होता चला गया। इसकी सबसे बड़ी वजह डराकर और महिलाओं को जबरन अगवा कर पूरे परिवार को धर्म परिवर्तन रही है। जो हिंदू बचे हैं उन्हें लगातार कट्टरपंथियों के हमले झेल रहे हैं। आज पाकिस्तान में 2.67 फीसदी से भी कम हिंदू आबादी बची है।



