दिल्ली के संगम विहार में बात करने नहीं करने पर नैना मिश्रा (Naina Mishra) नाम की नाबालिग लड़की को गोली मारने वाले मुख्य आरोपित अरमान अली उर्फ अमानत अली को पुलिस ने गुरुवार (1 सितंबर 2022) को गिरफ्तार कर लिया। 
 
नैना मिश्रा को गोली मारने का मुख्य आरोपी अरमान उर्फ अमानत गिरफ्तार
 
अरमान अली और नैना मिश्रा दो साल पहले सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में आए थे। जब नैना मिश्रा ने अरमान से बात करनी बंद कर दी तो अपने साथियों के साथ मिलकर अरमान अली ने 25 अगस्त 2022 को उसे गोली मार दी थी। 

 

साउथ दिल्ली की DCP बेनिता मैरी जयकर ने कहा, “25 अगस्त को 16 वर्षीय छात्रा को संगम विहार इलाके में गोली लगने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। युवती ने बताया 3 अभियुक्त हैं, जिनमें से एक अमानत अली है। स्थानीय सूत्रों और CCTV से पता चला कि बाकी के दो अभियुक्त बॉबी और पवन हैं।”

अरमान अली उत्तर प्रदेश के मेरठ का रहने वाला है। अरमान ने पुलिस को बताया कि वह नैना मिश्रा से प्रेम करता था। जब नैना ने उससे बात करनी बंद कर दी तो उसने गोली मार दी। वहीं, पीड़िता के पिता पंकज मिश्रा का कहना कि घटना के वक्त किसी ने उनकी बेटी को बचाने की कोशिश नहीं की। लोग घटना का वीडियो बना रहे थे।
11वीं में पढ़ने वाली 16 साल की नैना की हत्या के प्रयास में पुलिस ने तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, घायल नैना को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गोली नैना के कंधे में लगी है।
दिल्ली के देवली रोड स्थित कैंब्रिज इंटरनेशनल स्कूल में 11वीं पढ़ने वाली नैना मिश्रा 25 अगस्त 2022 को अपनी माँ के साथ स्कूल से लौट रही थी। इसी दौरान अरमान अली ने अपने दोस्तों के साथ पीछे से उस पर गोली चला दी। गोली चलाने के बाद आरोपित फरार हो गए।
नैना मिश्रा ने पुलिस को बताया कि अरमान अली ने दो साल पहले से उससे सोशल मीडिया साइट इंस्टाग्राम पर नाम बदलकर दोस्ती की थी। इसके बाद दोनों में अक्सर बातें होती थीं, लेकिन पिछले 5-6 महीने से वह अरमान अली से बात नहीं कर रही थी।
अरमान नैना पर बात करने के लिए दबाव बनाता था, लेकिन नैना इसके लिए तैयार नहीं थी। जब नैना नहीं मानी तो अरमान अली उसका पीछा करना शुरू कर दिया। 25 अगस्त को भी अरमान अपने दोस्तों के साथ नैना का पीछा कर रहा था और जब वह संगम विहार के बी ब्लॉक में पहुँची तो गोली मार दिया।
नैना के चाचा का कहना है कि जून के अंतिम सप्ताह में इस संबंध में आरोपित के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी गई थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके चलते आरोपित का हौसला बढ़ता गया और उसने एक दिन गोली मार दी।
उन्होंने कहा कि अगर पुलिस समय पर कार्रवाई करती तो उनकी भतीजी पर हमला नहीं होता। बता दें कि मुख्य आरोपित अरमान अली के अभी भी फरार रहने को लेकर हिंदू संगठनों में गुस्सा है।
वहीं, सोशल मीडिया पर पीड़िता के पीड़िता के पिता का एक वीडियो सामने आया है। इसमें वह शख्स अपना दर्द लोगों के साथ साझा कर रहा है और इस मामले में लोगों से सहयोग करने की विनती करता दिख रहा है।
वीडियो में दिख रहा व्यक्ति कहता है, “मेरा नाम पंकज मिश्रा है। मैं ब्राह्मण समाज से बिलॉन्ग करता हूँ। मेरी बिटिया नैना मिश्रा स्कूल से अपनी माँ के साथ आ रही थी। अली नाम का एक मुस्लिम लड़का, जो काफी दिनों से उसे तंग करता था, स्कूल से आते वक्त पीछे से उसे गोली मार दी।”
पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ IPC की धारा 307 और 34 के तहत मुकदमा दायर किया है। इसके साथ ही दो आरोपितों- बॉबी और उसके साथी पवन उर्फ सुमित को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया है।

गिरफ्तार आरोपितों के पास से पुलिस ने दो देशी कट्टा, दो जिंदा कारतूस और एक खाली कारतूस बरामद किया है। इस मामले में दिल्ली महिला आयोग (DCW) ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर कार्रवाई की रिपोर्ट माँगी है।