वाशिंगटन, अमेरिका (America) के नेवल सेफ्टी सेंटर ने आसमान में अनआइंडेटीफाइड ऑब्जेक्ट यानी यूएफओ (UFO) को लेकर कुछ सनसनीखेज खुलासे किए हैं. कुछ गोपनीय दस्तावेजों के हवाले से कहा जा रहा है कि अमेरिका के नेवी फाइटर जेट के सामने 8 बार यूएफओ आए और एक मौका तो ऐसा आया कि आसमान में फाइटर जेट और यूएफओ की आमने सामने भिड़ंत हो गई. फाइटर जेट ने यूएफओ को ऊपर एयर टू एयर मिसाइल अटैक कर दिया.

यूएफओ को लेकर अमेरिकी नेवी का ये सबसे सनसनीखेज दावा है. डेली मेल की एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका के ईस्ट कोस्ट के आसमान में फाइटर जेट और यूएफओ का आमना सामना हुआ है. इस बारे में 8 बार रिपोर्ट फाइल की गई है.

मंगलवार को फ्रीडम ऑफ इंफॉर्मेशन एक्ट के तहत इस जानकारी को सार्वजनिक किया गया है. इसमें कहा गया है कि एक बार तो ऐसा मौका आया कि एक फाइटर जेट के सामने बैलून जैसे सूटकेस साइज के एयरक्राफ्ट की टक्कर की नौबत आ पड़ी.फाइटर जेट के पायलट के यूएफओ देखे जाने के करीब 7 मामले 2013 से 2014 के बीच के हैं. वर्जीनिया और नॉर्थ कैरोलिना के तटीय इलाकों में ये घटनाएं हुईं. इस एयरस्पेस को w-72 वार्निंग एरिया कहा जाता है. इन सभी 7 मामलों में नेवी के फाइटर जेट सुपर हॉरनेट्स से यूएफओ की भिड़ंत हुई.

8वां मामला साल 2019 का है. इसमें w-386 वार्निंग स्पेस एरिया में यूएफओ देखे जाने की घटना हुई. मैरीलैंड के तटीय इलाके के आसमान में फाइटर जेट के पायलट ने यूएफओ देखे जाने की पुष्टि की. फाइटर जेट अटलांटिक ओसन के ऊपर उड़ान भर रहा था.

इस तरह का पहला मामला 27 जून 2013 को दर्ज किया गया. उस वक्त अमेरिका का स्ट्राइक फाइटर स्कॉड्रन 11 ने एक एयरक्राफ्ट को देखा. सफेद रंग के इस एयरक्राफ्ट का शेप किसी ड्रोन या मिसाइल की तरह का था. पायलट ने बताया कि फाइटर जेट से करीब 200 फीट की दूरी से ये गुजरा. उस वक्त जेट 17 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ान भर रहा था. पायलट ने बताया कि यूफओ ऊंचा उठ रहा था और उसकी लंबी पूंछ दिख रही थी.

राडार इस यूएफओ को नहीं पकड़ पाया था. इसी तरह दूसरी बार 18 नवंबर 2013 को ऐसी ही घटना हुई. इस बार राडार ने भी यूएफओ को दर्ज किया. पायलट ने बताया कि इस यूएफओ के पंख 5 फीट लंबे थे. इसी तरह के अमेरिकी नेवी ने यूएफओ से भिड़ंत के 8 मामले दर्ज किए हैं.