उत्तर प्रदेश में जारी विधानसभा चुनाव (Uttar Pradesh Assembly election 2022) के बीच ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के चीफ असदुद्दीन ओवैसी (Asadudin Owaisi) पर हमले के बाद उन्हें Z कैटेगरी की सुरक्षा देने का फैसला किया गया है। हालाँकि, ओवैसी ने सुरक्षा लेने से मना कर दिया।

असदुद्दीन ओवैसी (साभार: ABP न्यूज)

वहीं, उनके काफिले पर फायरिंग करने के मामले में शुभम और सचिन नाम के दो आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। इनमें से सचिन पर पहले से ही धारा 307 के तहत केस दर्ज है। चिन नोएडा के बादलपुर का रहने वाला है। उसका कहना है कि उसने एलएलएम किया हुआ है। पुलिस ने दो हथियार और एक ऑल्टो कार बरामद की है।

दूसरा आरोपित शुभम सहारनपुर का रहने वाला है और वो 10वीं पास है। उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। एडीजी प्रशांत कुमार ने बताया कि दोनों आरोपी एक-दूसरे को जानते थे। ये दोनों हिंदू धर्म पर ओवैसी के बयानों से आहत थे। पुलिस ने बताया कि 2013-14 में राम मंदिर को लेकर ओवैसी ने जो बयान दिया था, उससे ये दोनों आहत थे। 

उत्तर प्रदेश के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने शुक्रवार (4 फरवरी 2022) को कहा कि दोनों के खिलाफ हत्या की कोशिश का मामले धारा 307 के तहत दर्ज किया गया है। खास बात यह है कि इसमें से सचिन पहले से ही 307 का आरोपित है। स, जिसकी जाँच की जा रही है।

उधर ओवैसी को जेड कैटेगरी की सुरक्षा देने का फैसला किया गया है। अब केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 22 जवान हर वक्त उनके साथ रहेंगे। हालाँकि, असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र की सुरक्षा लेने से इनकार कर दिया है। ओवैसी ने ट्वीट कर कहा, “ना डरने वाला हूँ, ना सिक्योरिटी लेने वाला हूँ। मैं अपना चुनाव प्रचार जारी रखूँगा। अगर किसी माई के लाल में दम है तो मार के दिखाए मुझे।”

गौरतलब है कि गुरुवार की शाम को यूपी के मेरठ से अपना कार्यक्रम खत्म कर दिल्ली लौट ओवैसी पर पिलखुवा प्लाजा के पास 3-4 राउंड फायरिंग की गई थी। ओवैसी ने खुद ट्वीट कर इसकी जानकारी दी थी।

उन्होंने कहा था, “कुछ देर पहले छिजारसी टोल गेट पर मेरी गाड़ी पर गोलियाँ चलाई गई। 4 राउंड फ़ायर हुए। 3-4 लोग थे, सब भाग गए और हथियार वहीं छोड़ गए। मेरी गाड़ी पंक्चर हो गई, लेकिन मैं दूसरी गाड़ी में बैठ कर वहाँ से निकल गया। हम सब महफ़ूज़ हैं। अलहमदुलिलाह।”