नई दिल्ली:  केंद्रीय इस साल अगस्त में जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने के बाद से लेकर अभी तक 59 आतंकी राज्य में घुसपैठ कर चुके हैं. गृह मंत्रालय द्वारा लोकसभा में दिए गए आंकड़े के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (Line of Control) से लगातार होने वाला घुसपैठ पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित और समर्थित है. गृह मंत्रालय के मुताबिक, अगस्त 2019 से अब तक सीमा पार से घुसपैठ की करीब 84 बार कोशिशें हुई हैं और अनुमान है कि 59 ऐसे आतंकी घाटी में घुसपैठ कर सकते हैं.

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी. किशन रेड्डी ने संसद को बताया कि साल 1990 से 1 दिसंबर 2019 तक आतंकी हिंसा में भारतीय सुरक्षाबलों द्वारा अब तक 22, 557 आतंकियों को ढेर किया गया है. वहीं सीमापार से हुई घुसपैठ की कोशिशों में साल 2005 से 31 अक्टूबर 2019 तक 1011 आतंकियों को मार गिराया गया है, 42 आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है और सुरक्षाबलों की चौकसी के चलते लगभग 2253 आतंकियों को वापस खदेड़ा गया.

MHA की रिपोर्ट के अनुसार, घुसपैठ की कोशिशें घाटी में कमज़ोर हुई आतंकवादी ताकत को फिर से खड़ा करने लिए किए जा रहे छद्म युद्ध (Proxy War) का हिस्सा है. इनका उद्देश्य है कि जम्मू और कश्मीर मुद्दे का अंतर्राष्ट्रीयकरण करने के अपने इरादे को हासिल करने का है.

घुसपैठ के प्रयासों को विफल करने के लिए लगातार ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं, घात और गश्त को भी बढ़ाया गया है. इसके अलावा एक मजबूत काउंटर घुसपैठ ग्रिड भी तैनात है.