तालिबान ने पाकिस्‍तान से सटे अफगानिस्‍तान के एक चौकी पर कब्जा कर लिया, जहाँ उसे 300 करोड़ पाकिस्तानी रुपये मिले हैं। बताया जा रहा है कि ये रुपये अफगानिस्तान सेना के हैं और उसने तस्करों से रिश्वत के रुप में लेकर पैसे यहाँ जमा किये थे। तालिबान के हमले के बाद अफगान सैनिक भाग खड़े हुए और उनके रुपये यहीं छूट गए, जो तालिबान को मिल गए।

मामला कंधार प्रांत के स्पिन बोल्‍डाक इलाके में बनी सीमा चौकी का है। बुधवार को तालिबान ने स्पिन बोल्‍डाक में बनी सीमा चौकी पर कब्‍जा कर लिया। पैसे की मिलने की पुष्टि तालिबान ने एक बयान जारी करके किया है। पाकिस्‍तानी टीवी चैनल जिओ न्‍यूज ने यह जानकारी दी है।

Taliban Pakistani rupees
रुपये इकट्‌ठा करता तालिबानी आतंकी (फोटो साभार: नवभारत टाइम्स)

अफगानिस्‍तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद से तालिबान आतंकी लगातार भीषण हमले कर रहे हैं। तालिबान प्रवक्‍ता सुहैल शाहीन का दावा है कि देश के 85 फीसदी इलाके पर अब तालिबान का शासन हो गया है। तालिबान की कोशिश है कि दूसरे देशों से लगी सारी सीमा चौकियों पर कब्‍जा कर लिया जाए ताकि सीमा व्‍यापार से होने वाली कमाई पर कब्‍जा किया जा सके।

 

तालिबान के प्रवक्‍ता जबिउल्‍लाह मुजाहिद ने एक बयान जारी करके कहा, “तालिबान ने सीमा पर कंधार प्रांत में बसे कस्‍बे वेश पर कब्‍जा कर लिया है। इस स्पिन बोल्‍डाक और चमन तथा कंधार के बीच स्थित महत्‍वपूर्ण सड़क पर कब्‍जा होने के बाद वहां का कस्‍टम विभाग भी तालिबान के कब्‍जे में आ गया है।” पाकिस्‍तान के सुरक्षा बलों ने भी तालिबानी कब्‍जे की पुष्टि की है। 

 

उधर, अफगानिस्‍तान के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि वह इस ताजा घटनाक्रम की जांच कर रहा है। तालिबान ने यहां अफगान सरकार के झंडे उतारकर उसकी जगह पर अपने सफेद झंडे लगा दिए हैं। पाकिस्‍तानी विश्‍लेषकों का दावा है कि अफगान सुरक्षा बलों ने तस्‍करों से घूस लेकर 3 अरब रुपये जमा किए थे जिस पर अब तालिबान का कब्‍जा हो गया है। इस बीच तालिबान आतंकियों के हमले लगातार अफगान सुरक्षा बलों पर जारी हैं।