कोरोना के खतरनाक वैरिएंट ‘डेल्टा प्लस’ को लेकर योगी सरकार सतर्क, यूपी में रोजाना लगेंगे 10 लाख टीके
कोविड-19 के डेल्टा प्लस वैरिएंट को लेकर सरकारें सजग हो गई हैं। कोरोना महामारी को कुशलता के साथ संभालने वाले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विशेष रूप से सजग हो गए हैं।
सजग होना लाजिमी भी है, क्योंकि कोविड प्रबंधन को लेकर उनकी नेतृत्व की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सराहना हो चुकी है। ऐसे में नए वैरिएंट से होने वाले नुकसान का आंकलन पहले कर लिया जाए तो उसे रोकने में आसानी होगी।
विधानसभा चुनावों की ओर बढ़ते उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री दूरदर्शिता के मामले में अग्रसोची माने जाते हैं। शायद यही वजह है कि कोविड-19 समीक्षा की बैठक के माध्यम से उन्होंने प्रदेश भर में इस महामारी की स्थिति का आंकलन किया।
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| उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ |
मुख्यमंत्री योगी ने ‘ट्रेस, टेस्ट ऐंड ट्रीट’ नीति को पूरी सक्रियता से जारी रखने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि वैक्सिनेशन ही सुरक्षा कवच है, इसलिए इसकी गति और तेज होनी चाहिए। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार ने जून माह में 01 करोड़ वैक्सीन लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। अब तक 97 लाख वैक्सीन डोज लगाए जा चुके हैं।
प्रदेश में अब तक 2 करोड़ 80 लाख से अधिक वैक्सीन डोज लगाई जा चुकी है। वहीं, मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने एक जुलाई से प्रत्येक दिन न्यूनतम 10 लाख कोविड वैक्सीन लगाने का निर्देश दिया है, ताकि कोविड की अगर कोई तीसरी लहर भी आनी हो तो उससे बचा जा सके।
वहीं, राज्य में 24 घण्टों में प्रदेश में कोरोना संक्रमण के 229 नए मामले आए हैं, जबकि इसी अवधि में 308 संक्रमित व्यक्तियों का सफल उपचार करके डिस्चार्ज किया गया। वर्तमान में संक्रमण के एक्टिव मामलों की संख्या 3,552 रह गयी है। राज्य में सामने आए कोविड-19 के नये वैरिएंट ‘डेल्टा प्लस’ संक्रमण के मरीजों के सैम्पल लेकर केजीएमयू, लखनऊ में जीनोम सिक्वेंसिंग कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बाईपैप मशीन, मोबाइल एक्स-रे मशीन सहित सभी जरूरी मेडिकल उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। न्होंने कहा कि स्वास्थ्य विशेषज्ञों के परामर्श के अनुसार सभी जरूरी उपयोगी दवाओं की व्यवस्था भी कर ली जाए।
उन्होंने कहा कि चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ के पहले चरण का प्रशिक्षण कार्य पूरा हो चुका है। इनके माध्यम से अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षित किया जाए। आगामी एक पखवारे में यह सभी कार्य पूर्ण कर लिए जाएं।