दक्षिण कोरिया: शादी, यौन संबंध और बच्चे पैदा करने में महिलाओं की रुचि हो रही है कम
दक्षिण कोरिया: तकनीकी रूप से विकसित इस देश की महिलाएं शादी नहीं करना चाहती हैं। एक शोध में यह बात सामने आई है। इन महिलाओं का मानना है कि शादी के बाद उन पर पुरुष अपनी सोच थोप देते हैं और उनकी अपेक्षाओं को भूला दिया जाता है। दक्षिण कोरिया में ऐसी महिलाओं की संख्या बढ़ रही है जो न सिर्फ शादी से तौबा कर रही हैं बल्कि पुरुषों के साथ संबंध बनाने और बच्चे पैदा करने से भी कतरा रही हैं। जापान टाइम्स के अनुसार, यहां की महिलाएं कट्टरपंथी नारीवादी आंदोलन ‘4 बी’ या ‘फोर नोस’ (4B/four nos) संग आगे बढ़ रही हैं। इस आंदोलन की पृष्ठभूमि है चार चीजों से इनकार। ये हैं – डेटिंग, यौन संबंध बनाने, शादी करने और बच्चे पैदा करने चार चीजों से सीधा इनकार है।
एक सर्वे की रिपोर्ट पर नजर
कोरिया इंस्टिट्यूट फॉर हैल्थ एंड सोशल अफेयर्स ने इसी वर्ष जनवरी में इस सर्वे की रिपोर्ट जारी किया था। रिपोर्ट के अनुसार, 20-44 वर्ष की आयु के करीब 40 फीसद लोग डेटिंग में इन्वॉल्व हैं, लेकिन यह आंकड़ा शादी के मामले में काफी अलग था। इसके मुताबिक 25-29 वर्ष की आयु वाले पुरुष और महिलाएं करीब 90 फीसद गैर शादीशुदा पाए गए। वहीं 30-34 वर्ष की आयु वाले पुरुष और महिलाओं में ये करीब 56 फीसद और 40-45 की उम्र में ये 33 फीसद तक पाया गया।
शादी का आंकड़ा
इस मुहिम से जुड़ने वाली महिलाएं मानती हैं कि शादी के बाद मान लिया जाता है कि महिला पूरी तरह से घर-गृहस्थी संभालेगी और बुजुर्गों की सेवा व बच्चे पैदा करना प्राथमिकता होगी। महिलाों का मानना है कि इसमें उनकी इच्छा की कोई कदर नहीं है। यहां की एक महिला ली का कहना है कि ज्यादा शिक्षित होना महिला के लिए नकारात्मक हो जाता है। दक्षिण कोरिया में 1996 में शादी करने वालों का आंकड़ा 4,34,900 था जो 2018 तक 2,57,600 रह गया।
बूढ़ों का देश बन जाएगा दक्षिण कोरिया
महिलाओं की इस सोच का सीधा असर देश के भविष्य पर पड़ेगा। आने वाले समय में देश में बुजुर्गों की आबादी बढ़ जाएगी। दक्षिण कोरिया में मातृत्व दर 2018 में गिरकर 0.98 प्रतिशत पर आ गई है। वहीं, देश में जनसंख्या स्थिर करने के लिए यह 2.1 प्रतिशत की दर बनाए रखना जरूरी है।
एक सरकारी अनुमान के मुताबिक, 2067 में दक्षिण कोरिया की जनसंख्या 5.5 करोड़ से गिरकर 3.9 करोड़ रह जाएगी। ऐसे में दक्षिण कोरिया बूढ़ों का देश हो जाएगा, क्योंकि कुल आबादी में 62 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की संख्या अधिक होगी।