नई दिल्ली, नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन की आग दिल्ली में जामिया नगर से होते हुए सीलमपुर और उसके बाद दरियागंज से होता हुआ दिल्ली गेट पहुंच गया है। यहां पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जमा हैं और आइटीओ जाने की कोशिश में हैं, लेकिन पुलिस ऐसा नहीं करने दे रही। वहीं, सीलमपुर में पथराव के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया है, जिसमें कई लोगों के घायल होने की खबर है। फिलहाल हालात सामान्य हैं। दिल्ली पुलिस के पीएआओ के मुताबिक, सीलमपुर में हालात काबू में है।

प्रदर्शन के मद्देनजर, सीमलपुर मेट्रो स्टेशन को फिर से खोल दिया गया है। डीएमआरसी ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। सभी गटों पर  एंट्री और एग्जिट को फिर खोल दिया गया है। 

दोपहर दो बजे उत्तर पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद में प्रदर्शन किया गया। लोग करीब 1.15 बजे इकट्ठा हुए और सीलमपुर की तरफ चले गए। शुरू में विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्वक चला लेकिन अचानक हिंसा भड़क गई। प्रदर्शनकारियों को जाफराबाद रोड पर रोक दिया गया है। लगातार आंसू गैस के गोले दागे जा रहे हैं। पुलिस ड्रोन से निगरानी कर रही है।

प्रदर्शन को देखते हुए सीलमपुर, जाफराबाद और मौजपुर-बाबरपुर मेट्रो स्टेशन पर एंट्री और एग्जिट बंद कर दिया गया है। यहां पर ट्रेनें नहीं रूक रही है। डीएमआरसी ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। 

इससे पहले जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के बाहर 15 दिसंबर को हुए प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस का बयान आया है। अतिरिक्त डीसीपी (दक्षिण पूर्व) कुमार ज्ञानेश (Kumar Gyanesh, Additional DCP South East) के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर पेट्रोल बम भी फेंके गए थे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस उपद्रव और हिंसा के लिए पहले से साजिश रची गई थी। यह पूरी योजना के तहत किया गया था।

वहीं, जामिया हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस ने गृह मंत्रालय और सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट सौंपी है। पुलिस ने कहा कि हिंसा में संगठिक ग्रुप के लोग शामिल थे। हिंसा की तैयारी पहले से थी। 

वहीं, मंगलवार को जामिया के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी है। इस प्रदर्शन में टीचर्स स्टाफ और छात्र शामिल हैं। वहीं, दिल्ली के शाहीन बाग में भी प्रदर्शन शुरू हो गया है। इसके चलते दिल्ली पुलिस ने संभावित बवाल के मद्देनजर मंगलवार को भी कई जगह रूट डायवर्जन किया है।

मंगलवार को सुबह से जामिया विश्वविद्यालय के गेट संख्या 7 पर कुछ छात्र और स्थानीय नागरिक जमा हैं, लेकिन अभी नारेबाजी नहीं हो रही है।

जामिया मिलिया इस्लामिया के चीफ प्रॉक्टर वसीम अहमद खान (WA Khan) ने सुप्रीम कोर्ट में सॉलिटर जनरल की रिपोर्ट पर कहा कि पुलिस को कैंपस में घुसने की इजाजत नहीं दी गई थी। उन्होंने कहा कि बिना अनुमति के परिसर में प्रवेश करने के बाद पुलिस के बर्बर व्यवहार की निंदा  की थी। 

कालिंदी कुंज और डीएनडी पर डायवर्जन के चलते अक्षरधाम से सराय काले खां तक तकरीबन 5 किलोमीटर तक जाम लगा हुआ है। वहीं, रूट डायवर्जन की कड़ी में कालिंदी कुंज मार्ग बंद कर दिया है, जिससे वाहन चालकों ने ट्रैफिक अक्षरधाम और एनएच 24 दबाव बढ़ा दिया है। इसके चलते आश्रम जाने वाले डीएनडी पर भी ट्रैफिक जाम लग गया है।

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी ट्वीट किया है- ‘इसी तरह जो लोग मथुरा रोड से नोएडा जाना चाहते हैं वह आश्रम चौक, डीएनडी और नोएडा लिंक रोड का इस्तेमाल कर सकते हैं. कालिंदी कुंज की तरफ जाने वाला ओखला अंडरपास पर ट्रैफिक का आवाजाही बंद कर दी गई है।’

जामिया नगर में विरोध प्रदर्शन की आशंका के चलते दिल्ली-कालिंदी कुंज की तरफ जाने वाले ओखला अंडरपास को बंद कर दिया गया है। दिल्ली नोएडा को जोड़ने वाले डीएनडी पर सुबह से ही जाम लगा है। दिल्ली में मथुरा रोड और कालिंदी कुंज के बीच ट्रैफिक बंद है।

दरअसल, छात्र-छात्राओं और स्थानीय लोगों का प्रदर्शन पांचवें दिन मंगलवार को भी जारी रहने की बात सामने आ रही है, लेकिन अब तक प्रदर्शन शुरू नहीं है। वहीं, दिल्ली पुलिस को खुफिया जानकारी मिली है कि मंगलवार को भी अलग-अलग इलाकों में हिंसक प्रदर्शन हो सकता है। ऐसे में दिल्ली पुलिस ने कई वीवीआइपी इलाकों के साथ भीड़भाड़ वाले इलाकों की भी सुरक्षा बढ़ा दी है।

दिल्ली पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, रविवार को जामिया के बाहर हुए प्रदर्शन के मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनका आपराधिक गतिविधियों से रिश्ता रहा है। पुलिस ने यह जानकारी भी दी है कि इस मामले में किसी भी छात्र को गिरफ्तार नहीं किया है।

दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा को मद्देनजर संभावित प्रदर्शन वाली जगहों पर 24 घंटे जवानों को तैनात कर दिया है। वहीं, जामिया के आसपास बैरिकेडिंग लगाकर सघन जांच की जा रही है। 

खुफिया जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को भी दिल्ली के जंतर मंतर, इंडिया गेट, संसद भवन, राजपथ के साथ-साथ केंद्रीय मंत्री अमित शाह के आवास पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। 

इस बीच मंगलवार को भी दिल्ली पुलिस ने कड़े सुरक्षा बंदोबस्त किए हैं। वहीं, सोमवार को लगातार चौथे दिन भी स्थानीय लोगों और छात्रों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने भारतीय जनता पार्टी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह व दिल्ली पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

प्रदर्शनकारियों ने कवरेज करने पहुंचे मीडियाकर्मियों को भी निशाना बनाया। हमले में दो मीडियाकर्मियों को गंभीर चोटें आई हैं। एक महिला रिपोर्टर से बदसुलूकी की गई और उनका कैमरा व मोबाइल फोन लूटने का प्रयास किया गया।

प्रदर्शनकारी सोमवार सुबह आठ बजे से ही विश्वविद्यालय के गेट नंबर सात पर एकत्र हो गए। शुरू में तो करीब 200-300 प्रदर्शनकारी थे, जिन्होंने मानव श्रृंखला बना रखी थी। लेकिन जैसे-जैसे दोपहर होती गई यहां पर छात्रों और जामिया नगर के अलावा आसपास के क्षेत्रों से आने वालों लोगों की भीड़ बढ़ती गई। इस कारण यातायात व्यवस्था भी प्रभावित रही।

जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्रों के आंदोलन का समर्थन करने सोमवार को विवि के टीचिंग व नॉन टीचिंग स्टाफ भी उतर आए। उन्होंने आरोप लगाया कि रविवार को पुलिस ने कैंपस की लाइब्रेरी व शौचालय में घुसकर छात्रों की पिटाई की। उन छात्र-छात्रओं को भी पीटा गया जिनका इस प्रदर्शन से कोई मतलब नहीं था। वे लोग तो लाइब्रेरी में बैठकर पढ़ाई कर रहे थे। आंदोलनकारियों के समर्थन में विवि स्टाफ ने गेट नंबर पांच से गेट नंबर सात तक मार्च भी किया। वहीं छात्रों ने बताया कि उन्हें शिक्षकों ने वाट्सएप पर मैसेज भेजकर प्रदर्शन में शामिल होने के लिए कहा था।

पहले ही दिन से प्रदर्शन में जामिया विवि के छात्रों के अलावा स्थानीय लोग भी इस प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं। पुलिस को अशंका है कि शुक्रवार, शनिवार व रविवार को हुई ¨हसा में छात्रों के अलावा बाहरी लोग भी शामिल रहे हैं। सोमवार को भी ऐसे लोग बड़ी संख्या में चेहरा ढककर शामिल हुए। ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है जो प्रदर्शन की आड़ में हिंसा फैला रहे हैं।

मथुरा रोड के आसपास रविवार को हुई भारी हिंसा को देखते हुए सोमवार को पुलिस ने पहले से ही इंतजाम कर रखे थे। विवि के गेट नंबर सात से करीब 500 मीटर दूर होली फैमिली अस्पताल के सामने भारी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात थे ताकि प्रदर्शनकारी मथुरा रोड या रिंग की ओर न पहुंच सकें। वहीं, पुलिस ने सुखदेव विहार मेट्रो स्टेशन के नीचे भी बैरिकेड लगा रखे थे, ताकि कोई भी प्रदर्शनकारी इस मार्ग से भी मथुरा रोड व रिंग रोड न जा सके। सराय जुलैना गांव, होली फैमिली चौक, मथुरा रोड पर सूर्या होटल टी-प्वाइंट, माता मंदिर रोड, एनएफसी ईस्ट और वेस्ट आदि में भी भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।

नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन के कारण सोमवार को छह मेट्रो स्टेशन बंद रहे। दिल्ली पुलिस के निर्देश पर दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया मेट्रो स्टेशन से दोपहर में यात्रियों का आवागमन रोक दिया। इसके बाद शाम को पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, उद्योग भवन, लोक कल्याण मार्ग व जनपथ मेट्रो स्टेशन को भी बंद कर दिया गया।

केंद्रीय सचिवालय स्टेशन को छोड़कर अन्य पांच स्टेशनों पर मेट्रो नहीं रुक रही थी। केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन येलो लाइन (हुडा सिटी सेंटर-समयपुर बादली) व वायलेट लाइन (कश्मीरी गेट-फरीदाबाद) के साथ इंटरचेंज स्टेशन है। वहीं, केंद्रीय सचिवालय स्टेशन पर मेट्रो रुक रही थी, ताकि यात्री इस स्टेशन पर उतरकर मेट्रो बदल सकें। शाम करीब साढ़े छह बजे सभी स्टेशनों से यात्रियों की आवाजाही दोबारा शुरू की गई, जिससे व्यस्त समय में यात्रियों को सफर में राहत मिली।