नीतीश ने कहा बिहार में नहीं लागू होगा एनआरसी, तेजस्वी ने किया बिहार बंद का ऐलान
पटना, CAA और NRC को लेकर देश भर में जारी विरोध प्रदर्शनों की आग बिहार तक तक पहुंची है और इसी दरम्यान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बड़ा बयान दिया है कि एनआरसी बिहार में लागू नहीं होगा. इससे पहले, उन्होंने कहा था कि बिहार में जनता दल यूनाइटेड नीत एनडीए सरकार में अल्पसंख्यक पूरी तरह सुरक्षित हैं।
बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा था कि मैं गारंटी लेता हूं कि अल्पसंख्यक समुदाय के साथ कुछ गलत या उनको उपेक्षित नहीं किया जा सकता जब तक हम शासन में हैं। नीतीश कुमार ने विपक्षी पार्टियों की आलोचना करते हुए कहा कि वे अल्पसंख्यकों के बीच भ्रम फैला रहे हैं। नीतीश कुमार ने कहा था कि विपक्षी पार्टियां अल्पसंख्यकों को उकसाकर अपनी नीयत में कभी सफल नहीं हो पाएंगी।
नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ गुरुवार को वामदलों ने बिहार बंद कराया। बिहार बंद को कांग्रेस, रालोसपा और हम के अलावा जाप पार्टी का भी समर्थन प्राप्त था। इस बंद से राजद ने खुद को अलग रखा था। राजद का बिहार बंद 21 दिसंबर को है। वहीं, गुरुवार के बंद को पूर्ण समर्थन देने की प्रेस कांफ्रेंस कर घोषणा करने वाले उपेंद्र कुशवाहा सड़क पर नहीं दिखे। अचानक किसी काम से वह दिल्ली चले गए।
रालोसपा की छात्र इकाई के सदस्य हालांकि बंद कराने में सक्रिय रहे। उधर, कांग्रेस की भागीदारी जिलों में बेहतर रही। पटना में प्रमुख नेताओं में केवल शकील अहमद खान ही दिखे।
बिहार बंद को लेकर सीएम नीतीश कुमार बोले- ‘कौन किसको भड़काता है, इस पर हम ध्यान नहीं देते। हमारे रहते अल्पसंख्यकों की उपेक्षा नहीं होगी।’ वहीं, उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने इस बंद को फ्लॉप बताया। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, देर शाम तक बंद के दौरान 250 लोगों को पकड़ा गया था।
अहले सुबह से ही बिहार के कई जिलों में बंद समर्थक सड़कों पर उतर आए। जगह-जगह कार्यकर्ताओं ने हंगामा व प्रदर्शन किया। कई जगह ट्रेनें रोकी गईं। बसें नहीं चलीं। सड़कें भी जाम रहीं। इससे आमलोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। शेखपुरा में 50 से अधिक बंद समर्थक गिरफ्तार किए गए। ये लोग सीएए के खिलाफ शेखपुरा में एनएच जाम कर रहे थे।
वहीं बिहार बंद के दौरान पटना में पप्पू यादव की जन अधिकार पार्टी के कार्यकर्ताओं का उपद्रव और गुंडागर्दी देखने को मिली। कार्यकर्ताओं ने कई इलाकों में जाकर ना केवल दुकानों को जबरन बंद कराया, बल्कि कई वाहनों को भी अपना निशाना बनाया । पटना के डाकबंगला चौराहे पर गुंडागर्दी करते हुए कार्यकर्ताओं ने कई गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए।
कैमूर के मोहनियां में जन अधिकार पार्टी के कार्यकर्ताओं ने ट्रेन रोककर विरोध प्रदर्शन किया। वहीं सहरसा-समस्तीपुर पैसेंजर ट्रेन को रोककर कार्यकर्ताओं ने कैब और एनआरसी का जताया विरोध। मुजफ्फरपुर के नगर थाना के सरैयागंज टावर के पास बंद समर्थकों का उत्पात हुआ। उन्होंने कपड़े की दुकान पर पत्थरबाजी की। पुलिस के पहुंचने पर मामला शांत हुआ।
जहानाबाद में बिहार बंद का व्यापक असर रहा। सुबह से ही बंद समर्थक सड़क पर उतर गए। आवागमन पूरी तरह बाधित रही। सड़क पर सिर्फ बंद समर्थक ही नजर आ रहे थे। सीतामढ़ी में वाम दलों के बिहार बंद का भारी असर दिखा। सभी सड़कों पर बंद समर्थकों का हुजूम उमड़ पड़ा। हालांकि पुलिस प्रशासन के साथ एसएसबी के अलर्ट रहने से शांतिपूर्ण प्रदर्शन हुआ।
आरा में जाप कार्यकर्ताओं ने जेल रोड की दुकानों पर पथराव किया और जबरन दुकानों को बंद कराया. जाप के कार्यकर्ता केंद्र सरकार के खिलाफ लगातार नारेबाजी कर रहे थे। कटिहार में भी बंद का मिला-जुला असर दिखा। बरारी में कटिहार-बरौनी पेसेंजर ट्रेन को आधा घंटा तक रोका गया। बाद में पुलिस की पहल से जाम समाप्त हो गया।