भुज, गुजरात के भुज में एक मस्जिद से देर रात को अजान दी गई और मुसलमानों से घर से निकलकर हथियार उठाने की अपील की गई। संदेश में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, घटना भुज के कोकड़ी रोड स्थित बाकली कॉलोनी की है। यहां मस्जिद से बेवक्त अजान देकर अपील की गई, “मुसलमान अब जागो, हथियार उठाओ और अपने घर से बाहर आओ।”

अब्दुल्ला लुहार कथित तौर इमाम-ए-रब्बानी नामक मस्जिद में देर रात करीब 2:30 बजे घुस गया और लाउडस्पीकर से असमय अजान दी। बताया जा रहा है कि अजान के साथ ही उसने घोषणा की, “मैं कच्छ का राजा हूँ। मुसलमानों को जाग जाना चाहिए और हथियार उठाकर अपने घरों से बाहर आना चाहिए।” इसकी जानकारी मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई और मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने कथित तौर पर अजान देने वाले शख्स को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आगे की जांच की जा रही है। 

भुज-ए डिविजन थाने के उपनिरीक्षक के.एम. अगरावत ने कहा कि उसे भारतीय दंड संहिता की धारा 153 (ए) (विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता पैदा करना) के तहत गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा, भारतीय दंड संहिता (Indian Penal Code) की धारा 269 और 270 भी लगाई गई है। यह धारा लॉकडाउन का उल्लंघन कर ‘संक्रमण फैलाने की संभावना’ के लापरवाह और द्वेषपूर्ण कृत्य के लिए लगाई गई है।

पुलिस अधिकारी ने कहा कि प्रारंभिक जांच के मुताबिक, लुहार मानसिक रूप से विक्षिप्त (Mentally deranged) प्रतीत होता है और मस्जिद के लाउडस्पीकर से जब उसने भड़काऊ टिप्पणी की तो उसका कोई उद्देश्य नहीं था। उन्होंने कहा, ‘मस्जिद के अधिकारियों को जब घटना के बारे में पता चला तो उन्होंने पुलिस को सूचित किया और उसे गिरफ्तार (Arrest) कर लिया गया।’

दरअसल, पिछले महीने बेंगलुरु में आशा कार्यकर्ताओं और नर्सों के एक समूह पर कोरोना वायरस के हॉटस्पॉट सादिक लेआउट क्षेत्र में स्थानीय लोगों द्वारा हमला किया गया था। स्वास्थ्यकर्मियों ने बताया था कि पॉजिटिव केस मिलने के बाद वे इलाके में सैंपल लेने गए थे। उसी समय स्थानीय लोगों की भीड़ ने उन पर हमला किया और उन्हें पीटा। उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें पीटने के लिए स्थानीय मस्जिद से आह्वान किया गया था।