उत्तर प्रदेश के मेरठ में मां प्रिया और बेटी कशिश की हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद शमशाद पुलिस से छिपने के बजाय संपर्क में बना रहा। आरोप है कि परतापुर थाने के इंस्पेक्टर क्राइम और दरोगा ने तीन महीने तक कोई छानबीन नहीं की, बल्कि मां-बेटी की पैरवी करने वाली प्रिया की सहेली चंचल को ही घेरने की कोशिश की। अब चंचल ने ऑडियो वायरल की तो पुलिसकर्मियों की शर्मनाक करतूत से पर्दा उठ गया।

चंचल का आरोप है कि दरोगा कभी रात में 10 बजे के बाद कॉल करने के लिए कहता तो कभी एक गाड़ी परमानेंट थाने में खड़ी करने की बात किया करता था। पुलिस वालों की एक दर्जन से अधिक ऑडियो क्लिप चंचल ने वायरल की, जोकि पुलिस विभाग को शर्मसार करने वाली हैं। पुलिस ने चंचल से फोन पर क्या-क्या नहीं कहा, उन सभी को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता।

इसकी जानकारी पुलिस के अधिकारियों को भी है। लेकिन उनकी खामोशी बेबसी का परिचय दे रही है। लेकिन चंद पुलिस कर्मियों की शर्मसार करने वाली बातों पर अधिकारियों का पर्दा डालना पूरे महकमे को बदनाम कराने से कम नहीं है। 

मां-बेटी की हत्या के बाद पुलिस कर्मियों की अशोभनीय बातें वायरल होने का ये पहला मामला नहीं है। पहले भी इस तरीके के मामले सामने आ चुके हैं। पुलिस अधिकारियों की खामोशी लोगों में आक्रोश फैला रही है। सवाल उठता कि आखिरकार इन चुनिंदा पुलिसकर्मियों के सामने अधिकारी मौन क्यों हैं।