ट्विटर इतना शक्तिशाली हो चुका है कि वह किसी भी लोकतांत्रिक देश के कानून को ठेंगा दिखाकर अपना कानून थोपने की तैयारी करने लगता है। इस कानून की आड़ में वह तमाम तरह के नैतिक-अनैतिक काम भी करता है, जिसका समय-समय पर उस पर आरोप लगते रहे हैं। लेकिन, इस बार भारत सरकार ने ट्विटर का टेंटुआ पकड़ लिया है और उसे धीरे-धीरे दबा रही है, ताकी दर्द क्या होता है, इसका पता भी उसे चले।

ट्विटर ने अपनी मनमानी करते हुए अब भारत के नक्शे के साथ छेड़खानी की है। ट्विटर ने अपनी वेबसाइट पर जम्मू-कश्मीर को भारत का हिस्सा नहीं दिखाया है। उसने जम्मू-कश्मीर व लद्दाख को एक अलग देश के रूप में दिखाया है। सरकार की ओर से इसे बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। वहीं, सूत्रों का कहना है कि सरकार इस मामले को लेकर ट्विटर के खिलाफ कोई बड़ा कदम उठा सकती है।

गौरतलब है कि कल रविवार को भारत सरकार के सख्त रूप के कारण भारत में ट्विटर की ओर से तैनात किए गए ग्रीवांस ऑफिसर ने नियुक्ति के एक हफ्ते बाद ही अपना पद छोड़ दिया था। ग्रीवांस ऑफिसर की नए IT नियमों के तहत नियुक्ति की गई थी। उसका काम यूजर की शिकायतें सुनना है।

ट्विटर का प्रतीकात्मक तस्वीर (साभार: सोशल मीडिया)

ट्विटर ने 5 जून को सरकार की ओर से जारी आखिरी नोटिस के जवाब में कहा था कि वह नए IT नियमों का पालन करने का इरादा रखता है और चीफ कंप्लायंस ऑफिसर की डिटेल शेयर करेगा। इस बीच, माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ने धर्मेंद्र चतुर को भारत के लिए अंतरिम ग्रीवांस ऑफिसर नियुक्त किया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, धर्मेंद्र चतुर को हाल ही में ट्विटर ने भारत में अंतरिम ग्रीवांस ऑफिसर नियुक्त किया था। उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सोशल मीडिया कंपनी की वेबसाइट पर अब उनका नाम नहीं दिख रहा है। ऐसा किया जाना IT रूल्स 2021 के तहत जरूरी है। हालांकि, ट्विटर ने इस पर कोई कमेंट करने से इनकार कर दिया है।

यह मामला ऐसे समय में आया है, जब माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म की नए सोशल मीडिया नियमों को लेकर भारत सरकार के साथ तनातनी चल रही है। सरकार ने जानबूझकर नियमों को न मानने और देश के नए आईटी नियमों का पालन करने में नाकामी के लिए ट्विटर को फटकार लगाई है।

25 मई से लागू हुए नए नियमों के मुताबिक, सोशल मीडिया कंपनियों को अपने यूजर्स या पीड़ितों की शिकायतें दूर करने के लिए मैकेनिज्म बनाना जरूरी है। इसके तहत 50 लाख से ज्यादा यूजर बेस वाली सभी सोशल मीडिया कंपनियां ऐसी शिकायतों से निपटने के लिए एक शिकायत अधिकारी नियुक्त करेंगी।

साथ ही ऐसे अधिकारियों के नाम और कॉन्टैक्ट सहित पूरी जानकारी शेयर करेंगी। बड़ी सोशल मीडिया कंपनियों को एक चीफ कंप्लायंस ऑफिसर, एक नोडल कॉन्टैक्ट पर्सन और एक ग्रीवांस ऑफिसर अपॉइंट करना है। वे सभी भारत में रहने चाहिए।