आतंकवाद से जुड़े भारत में धर्मांतरण रैकेट के तार, हवाला के जरिये उमर के ट्रस्ट में आते थे करोड़ों रुपये
धर्मांतरण रैकेट में खुलासा हुआ है कि इसके तार फिलीपींस के घोषित आतंकी बिलाल फिलिप से जुड़े हैं। बिलाल दोहा, कतर में इस्लामिक ऑनलाइन यूनिवर्सिटी चलाता है, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित किया जा चुका है। बिलाल को 2014 में गिरफ्तार भी किया जा चुका है। उमर के बिलाल से भी संबंध प्रकाश में आए हैं।
उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने बताया कि इस्लामिक दावा सेंटर के खातों में जनवरी 2010 से 14 जून 2021 के बीच एक करोड़ 82 लाख 83 हजार 910 रुपए जमा किए गए। इसमें काफी पैसे कैश में जमा किए गए। विदेशों से इन लोगों के खाते में चेक से भी पैसे आए और खाड़ी देशों कतर, रियाद, अबूधाबी और दुबई से लगभग 50 लाख रुपए जमा किए गए।
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| इस्लामिक आतंकवादी |
उन्होंने बताया कि उमर गौतम फातिमा चैरिटेबल ट्रस्ट के नाम से संस्था बनाकर उसमें फंड मंगवाता था। इस ट्रस्ट का न तो कोई रजिस्ट्रेशन कराया गया है और न ही कभी आयकर रिटर्न दाखिल किया गया है। उसके परिवार के कई सदस्यों के खातों में भी विदेशों से पैसे आए हैं। उमर के खाते में नकद लेनदेन में हवाला से भी तार जुड़े होने की जानकारी मिली है। इस मामले में केंद्रीय जांच एजेंसियों की भी मदद ली जा रही है।
कुमार ने बताया कि यह बड़ा मामला है और एटीएस प्रदेश के 32 जिलों में छानबीन कर रही है। इसमें 27 जिलों के पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिखकर संबंधित जिले के लिए मिली जानकारी को सत्यापित कराया जा रहा है, जबकि कुछ जिलों में एटीएस खुद छानबीन कर रही है। जिन जिलों में एटीएस और पुलिस छानबीन कर रही है उसमें अलीगढ, आजमगढ़, आगरा, वाराणसी, कानपुर, बिजनौर, मेरठ, सहारनपुर, नोएडा, गाजियाबाद और बुलंदशहर जैसे बड़े जिले शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि एटीएस द्वारा रिमांड पर लिए गए उमर गौतम असम के मरकज-उल-मारिफ नाम की संस्था के साथ काम कर चुका है। यह संगठन बांग्लादेशी और और अन्य नागरिकों के लिए काम करता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2010 में उमर दिल्ली आ गया था और वहां उसने इस्लामिक दावा सेंटर नाम की संस्था खोल ली।
असम की संस्था के खातों से भी उमर की संस्था के खातों में पैसों का लेनदेन हुआ है। मरकज-उल-मारिफ नाम की संस्था के खिलाफ 2020 में दिसपुर और फेमा और फेरा में मुकदमे दर्ज किए गए हैं। गौरतलब है कि राज्य सरकार धर्मांतरण को लेकर गंभीर है। आरोपियों पर रासुका लगाने के साथ उनकी संपत्ति जब्त करने पर भी विचार कर रही है।