कोरोना से देश के 60 प्रतिशत बच्चे हो चुके हैं संक्रमित: ICMR की सीरो सर्वे में भयावह खुलासा
देश में कोरोना से मचे हाहाकार के बीच देश के आधे से अधिक बच्चे भी कोरोना से संक्रमित हो गए थे। इस डरावनी सच्चाई का खुलासा इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने किया है। आईसीएमआर द्वारा कराए गए सीरो सर्वे में यह हकीकत सामने आई की कोरोनाकाल में देश के 60 प्रतिशत बच्चे कोरोना से संक्रमित हो गए थे।
अब तक यही बात सामने आती रही कि कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित युवा और उसके बाद बुजुर्ग हुए हैं। कोरोना की दूसरी लहर में युवाओं की सबसे अधिक मौत हुई थी, जबकि पहली लहर में बुजुर्गों के लिए मुश्किल का दौर साबित हुआ था। लेकिन, इस दौरान शायद ही किसी को पता था कि देश के नौनिहालों की आधी से अधिक आबादी ही इस वायरस की चपेट में आ चुकी है। गनीमत यह रही कि बच्चों में इसकी मृत्यु दर ना के बराबर ही रही।
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| फोटो साभार: अमर उजाला |
वहीं, कोरोना की दूसरी लहर कमजोर पड़ने के बाद देश में बच्चों के घातक कोरोना की तीसरी लहर की आशंका जाहिर की जा रही थी। वहीं, भारत बायोटेक ने बच्चों के टीके को लेकर ट्रायल भी शुरू कर दिया है।
हालाँकि, बच्चों पर कोरोना के टीके के प्रभाव को लेकर बहुत अधिक अध्ययन नहीं हुआ है, जो यह साबित कर सके कि ये टीके बच्चों के लिए फायदेमंद साबित होंगे। वहीं, माना जा रहा है अगर कोरोना की अगली कोई लहर आती है तो वह बच्चों के लिए घातक साबित हो सकती है।
गौरतलब है कि मार्च से लेकर जून तक देश में चली कोरोना की दूसरी लहर ने लोगों को भयभीत कर दिया था। दूसरी लहर में देश में सबसे अधिक मौतें हुई थीं। उस दौरान देश में कोरोना मरीजों की इतनी संख्या बढ़ गई थी कि मेडिकल ऑक्सीजन के लिए हाहाकार मच गया था।
देश के अधिकांश राज्य कोरोना पाबंदियों में छूट देकर बाजारों पर से प्रतिबंध हटा रहे हैं। हालाँकि, कोरोना का संकट अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है, लेकिन त्योहारी मौसम को देखते हुए सरकार कोरोना गाइडलाइन का पालन करने की सलाह दे रही है। विशेषज्ञ भी सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।